
उत्तर भारत सहित कई राज्यों में कड़ाके की ठंड के कारण घरों की छतों पर रखी पानी की टंकियां ‘बर्फ की फैक्ट्री’ बन गई हैं सुबह के समय नलों से आने वाला पानी इतना ठंडा होता है कि हाथ लगाना भी मुश्किल हो जाता है, लेकिन अब आपको हर छोटे काम के लिए गीजर या इमर्शन रॉड चलाने की जरुरत नहीं है, पेश है एक ऐसा फ्री घरेलू तरीका, जिससे आपकी टंकी का पानी कड़ाके की सर्दी में भी गुनगुना बना रहेगा।
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थर्माकोल और जूट का ‘देसी इन्सुलेशन’ कवच
विशेषज्ञों के अनुसार, टंकी का पानी ठंडा होने का मुख्य कारण बाहरी हवा का तापमान है। इसे रोकने के लिए आप ‘इन्सुलेशन’ का सहारा ले सकते हैं:
- थर्माकोल और जूट की लेयर: सबसे पहले टंकी के चारों ओर थर्माकोल की मोटी शीट लगाएं, यह गर्मी को अंदर रोककर रखने में मदद करता है, इसके ऊपर पुरानी जूट की बोरियों (टाट) को दो से तीन परतों में लपेट दें।
- प्लास्टिक से करें सील: बोरियों को गीला होने से बचाने के लिए सबसे बाहरी परत पर मोटा प्लास्टिक या तिरपाल बांधें, यह सेटअप टंकी को बाहरी ठंड से पूरी तरह काट देता है।
- पाइप भी है जरुरी: अक्सर टंकी का पानी तो ठीक रहता है, लेकिन पाइपों में जमा पानी ठंडा हो जाता है, पाइपों पर फोम कवर या पुराने कपड़ों की पट्टी लपेटकर उसे टेप से सील कर दें।
एक्सपर्ट टिप्स: काला पेंट और ढक्कन का बचाव
- काला पेंट तकनीक: यदि आप टंकी को पेंट कर सकते हैं, तो बाहर से काला रंग करें, काला रंग सूरज की किरणों को अधिक सोखता है, जिससे दिन भर पानी का तापमान बना रहता है।
- ढक्कन की सुरक्षा: टंकी का ढक्कन ढीला होने से भी पानी जल्दी ठंडा होता है, ढक्कन पर भी थर्माकोल का टुकड़ा लगाकर उसे मजबूती से बंद करें।
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इस ‘जीरो बजट’ तकनीक से न केवल आपको गुनगुना पानी मिलेगा, बल्कि हर महीने आने वाले भारी-भरकम बिजली बिल से भी राहत मिलेगी, बाजार में इसके लिए रेडीमेड ‘Water Tank Insulation Covers’ भी उपलब्ध हैं, जिन्हें आप Amazon India या Flipkart जैसी साइट्स से खरीद सकते हैं।

















