Indian Railway Rule: एक ही टिकट पर कई शहरों की यात्रा! रेलवे का ये खास नियम जानते हैं आप?

यह सर्कुलर जर्नी टिकट यात्रियों के लिए बेहद फायदेमंद सुविधा है, जिसके जरिए एक ही टिकट पर 8 शहरों तक की यात्रा की जा सकती है। भारतीय रेलवे का यह टिकट 56 दिनों तक वैध रहता है और टेलिस्कोपिक रेट सिस्टम के कारण किराया भी सामान्य टिकट से सस्ता पड़ता है। यह सुविधा तीर्थयात्रियों और ट्रैवलर्स के लिए परफेक्ट है।

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Indian Railway Rule: एक ही टिकट पर कई शहरों की यात्रा! रेलवे का ये खास नियम जानते हैं आप?

भारत में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या करोड़ों में है, लेकिन रेलवे की कई ऐसी सुविधाएं हैं जिनके बारे में लोग अभी भी नहीं जानते। इन्हीं में से एक है सर्कुलर जर्नी टिकट ये टिकट खासतौर पर उनके लिए वरदान है जो एक ही यात्रा में कई शहरों या धार्मिक स्थलों को घूमने का प्लान बनाते हैं। आइए जानते हैं कि इस टिकट की खासियत क्या है और आप इससे कैसे सस्ता और सुविधाजनक सफर कर सकते हैं।

क्या होता है सर्कुलर जर्नी टिकट?

भारतीय रेलवे यह विशेष टिकट उन यात्राओं के लिए जारी करती है जिनकी शुरुआत और समाप्ति एक ही स्टेशन पर होती है। मतलब अगर आपने दिल्ली से यात्रा शुरू की और बीच में जयपुर, अहमदाबाद, सूरत, मुंबई, नागपुर, भोपाल, आगरा जैसे शहरों की सैर की, तो अंत में जब आप फिर दिल्ली लौटेंगे, यह सब एक ही टिकट पर हो सकता है।

इस टिकट के तहत यात्री अधिकतम 8 अलग-अलग स्टेशनों से यात्रा कर सकता है, और सबसे बड़ी बात हर स्टेशन के बीच अलग-अलग ट्रेन लेने की अनुमति रहती है।

लंबी यात्रा के लिए परफेक्ट विकल्प

अगर आप ऐसी यात्रा करने वाले हैं जो कई शहरों को कवर करती है तो बार-बार टिकट बुक करवाना एक झंझट जैसा काम बन जाता है। यही झंझट सर्कुलर जर्नी टिकट खत्म कर देता है। रेलवे नियमों के अनुसार, इस टिकट की वैधता 56 दिनों तक रहती है, यानी लगभग दो महीने तक आप आराम से अपने टूर की योजना बना सकते हैं, बीच में रुक सकते हैं, ठहर सकते हैं और फिर अगले स्टेशन की ओर बढ़ सकते हैं।

सस्ती यात्रा का बेहतरीन तरीका

सर्कुलर जर्नी टिकट की सबसे खास बात है इसका टेलिस्कोपिक रेट सिस्टम, जिसका मतलब ये है कि जितने ज्यादा स्टेशन आप अपनी यात्रा में शामिल करेंगे, टिकट का औसत किराया उतना ही कम होता जाएगा।

उदाहरण के लिए, अगर आप अलग-अलग शहरों के लिए अलग-अलग टिकट खरीदेंगे तो किराया ज्यादा पड़ेगा, जबकि सर्कुलर टिकट पर बढ़ी हुई दूरी के बावजूद कुल किराया कम बैठता है। यही वजह है कि यह टिकट बजट टूरिस्ट्स, धार्मिक यात्रियों और ग्रुप ट्रैवलर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

कौन ले सकता है यह टिकट?

इसकी एक और खूबी यह है कि यह टिकट किसी भी क्लास जनरल, स्लीपर, एसी, या फर्स्ट क्लास में जारी कराया जा सकता है। व्यक्तिगत यात्री हों या ग्रुप, सभी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

इसके अलावा, रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी खास प्रावधान रखा है। अगर किसी की यात्रा कम से कम 1000 किलोमीटर की है, तो सीनियर सिटीजन को सामान्य टिकट की ही तरह किराए में छूट मिलती है। इससे बुजुर्ग यात्रियों के लिए लंबी दूरी की यात्राएं न सिर्फ आसान बल्कि किफायती भी बन जाती हैं।

कैसे बुक करें सर्कुलर जर्नी टिकट?

यह टिकट ऑनलाइन या सामान्य काउंटर से सीधे नहीं मिलता। इसके लिए आपको पहले अपने यात्रा रूट की पूरी जानकारी तैयार करनी होती है। फिर नजदीकी रेलवे स्टेशन के कॉमर्शियल डिपार्टमेंट या मुख्य आरक्षण अधिकारी से संपर्क करना पड़ता है।

अधिकारी आपके प्लान किए रूट की दूरी और किराया का अनुमान लगाते हैं, फिर उसी के आधार पर टिकट जारी किया जाता है। टिकट मिलने के बाद आप एक-एक चरण की सीटें IRCTC या रेलवे काउंटर से अलग-अलग बुक करा सकते हैं।

क्यों है यह टिकट ट्रैवलर्स के लिए फायदेमंद?

आज के समय में जब ट्रेनों की बुकिंग तेजी से फुल हो जाती है और किराए लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में सर्कुलर जर्नी टिकट यात्रियों के लिए वैल्यू-फॉर-मनी विकल्प है। यह न सिर्फ आपका किराया कम करता है, बल्कि एक साथ कई शहरों की यात्रा का प्लान बनाने की आज़ादी भी देता है।

अगर आप अगले वेकेशन, तीर्थयात्रा या विशाल भारत की खोज पर निकलने का प्लान बना रहे हैं, तो एक बार सर्कुलर जर्नी टिकट जरूर आज़माएं। यह वही सुविधा है जिसके बारे में कम लोग जानते हैं, लेकिन इसका फायदा बहुत बड़ा है।

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indsocplantationcrops

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