
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अग्निपथ योजना’ को लेकर युवाओं के मन में भविष्य की सुरक्षा और मिलने वाले लाभों को लेकर कई सवाल हैं। क्या 4 साल की देश सेवा के बाद अग्निवीरों को ‘पूर्व सैनिक’ का दर्जा मिलेगा? सरकारी नौकरियों में उनके लिए क्या विशेष प्रावधान हैं? साल 2026 में रिटायर होने वाले पहले बैच से पहले, आइए जानते हैं अग्निवीरों के भविष्य से जुड़ी हर बड़ी जानकारी।
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पूर्व सैनिक के दर्जे पर क्या है नियम?
सेना के मौजूदा नियमों के मुताबिक, 4 साल की सेवा के बाद रिटायर होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को आधिकारिक तौर पर ‘पूर्व सैनिक’ (Ex-Servicemen) नहीं माना जाएगा, इसका सीधा अर्थ है कि वे पूर्व सैनिकों को मिलने वाली पेंशन, मेडिकल (ECHS) और कैंटीन (CSD) जैसी आजीवन सुविधाओं के हकदार नहीं होंगे, हालाँकि, उन्हें ‘पूर्व अग्निवीर’ के रूप में एक विशिष्ट पहचान दी जाएगी, जो उन्हें सामान्य उम्मीदवारों से अलग और बेहतर साबित करेगी।
नौकरियों में आरक्षण: गृह मंत्रालय और राज्यों का बड़ा फैसला
रिटायरमेंट के बाद अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए सरकार ने आरक्षण का मज़बूत घेरा तैयार किया है:
- गृह मंत्रालय ने सीमा सुरक्षा बल (BSF), CISF और असम राइफल्स जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10% आरक्षण को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, पहले बैच के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की विशेष छूट का प्रावधान किया गया है।
- उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्य सरकारों ने पुलिस भर्ती और जेल वार्डन जैसे पदों पर अग्निवीरों को वरीयता और सीधा आरक्षण देने का ऐलान किया है।
- रेलवे मंत्रालय और कई सरकारी उपक्रमों (PSUs) में भी अग्निवीरों के लिए विशेष कोटा निर्धारित करने की प्रक्रिया जारी है।
सर्टिफिकेट जो बदल देंगे करियर की दिशा
रिटायरमेंट के बाद अग्निवीर खाली हाथ नहीं लौटेंगे, उन्हें सेना द्वारा विशेष ‘अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट’ दिया जाएगा, जो उनके तकनीकी ज्ञान और अनुशासन का प्रमाण होगा। इसके अलावा:
- 10वीं पास कर भर्ती होने वाले युवाओं को सेवा अवधि के दौरान प्राप्त प्रशिक्षण के आधार पर 12वीं पास का सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
- जो अग्निवीर आगे पढ़ना चाहते हैं, उनके लिए इग्नू (IGNOU) जैसे संस्थानों द्वारा विशेष ग्रेजुएशन कोर्स तैयार किए गए हैं, जिसमें सेना के अनुभव को क्रेडिट अंक के रूप में जोड़ा जाएगा।
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सेवा निधि और 25% का कोटा
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रत्येक बैच के 25% सबसे योग्य अग्निवीरों को भारतीय सेना में स्थायी (Permanent) कैडर में शामिल किया जाएगा, शेष 75% अग्निवीरों को रिटायरमेंट पर ₹11.71 लाख का ‘सेवा निधि’ पैकेज (ब्याज सहित) दिया जाएगा, जो पूरी तरह से टैक्स फ्री होगा।
स्पष्ट है कि भले ही अग्निवीर तकनीकी रूप से ‘पूर्व सैनिक’ न कहलाएं, लेकिन सरकार ने उनके कौशल विकास और रोजगार सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं, 2026 में जब अग्निवीरों का पहला दस्ता बाहर आएगा, तो उनके पास न केवल वित्तीय पूंजी होगी, बल्कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण का मज़बूत कवच भी होगा।

















