उत्तर प्रदेश में पढ़ाई कर रहे लाखों छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए यूपी स्कॉलरशिप को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। तकनीकी कारणों या अन्य दिक्कतों की वजह से जो छात्र अब तक आवेदन नहीं कर पाए थे, उनके लिए एक बार फिर दरवाजे खोल दिए गए हैं। अब छात्र 31 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

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तकनीकी अड़चनें नहीं बनेंगी पढ़ाई में बाधा
पिछले कुछ समय से कई छात्रों की शिकायत थी कि कॉलेज का मास्टर डाटा लॉक न होने या पोर्टल से जुड़ी समस्याओं के कारण वे छात्रवृत्ति फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए समाज कल्याण विभाग ने आवेदन की समय-सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसका मकसद यही है कि आर्थिक कारणों से किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित न हो।
सभी वर्गों के छात्रों को मिलेगा लाभ
संशोधित कार्यक्रम सभी वर्गों के विद्यार्थियों पर समान रूप से लागू होगा। सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्र इस योजना का लाभ ले सकेंगे। सरकार का साफ संदेश है कि पात्रता रखने वाला कोई भी छात्र सिर्फ समय या तकनीकी वजह से छात्रवृत्ति से वंचित न रहे।
SC/ST छात्रों को मिला अतिरिक्त समय
अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 तय की गई है। इसके बाद संस्थानों द्वारा सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होगी और सभी औपचारिकताएं निपटने के बाद जून 2026 तक छात्रवृत्ति की राशि सीधे छात्रों के बैंक खातों में भेज दी जाएगी।
सामान्य, OBC और अल्पसंख्यक वर्ग के लिए अहम तारीखें
इन वर्गों के छात्रों को 14 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद जरूरी दस्तावेजों की हार्ड कॉपी 21 जनवरी 2026 तक कॉलेज या संस्थान में जमा करनी होगी। संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 27 जनवरी 2026 तक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें। आवेदन करते समय यह जरूर जांच लें कि बैंक खाता आधार से लिंक है और डीबीटी के लिए सक्रिय है। किसी भी गलती की स्थिति में समय रहते सुधार कर लें, ताकि छात्रवृत्ति मिलने में कोई परेशानी न हो।
यूपी स्कॉलरशिप 2025-26 को लेकर सरकार का यह फैसला उन छात्रों के लिए बड़ी राहत है, जो अब तक आवेदन से वंचित रह गए थे। बढ़ी हुई समय-सीमा से हजारों जरूरतमंद विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।

















