UP Infrastructure: यूपी में बनेगा 750 KM का ‘कॉरिडोर’! ₹1500 करोड़ से बदल जाएगी इन 22 जिलों की सूरत, जमीन के रेट बढ़ने तय

उत्तर प्रदेश को 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' बनाने की दिशा में योगी सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है, राज्य के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने के लिए अब गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है, लगभग 750 किलोमीटर लंबा यह मेगा कॉरिडोर न केवल यूपी और हरियाणा की दूरी कम करेगा, बल्कि प्रदेश के 22 जिलों की आर्थिक तस्वीर बदलने का दम रखता है

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UP Infrastructure: यूपी में बनेगा 750 KM का 'कॉरिडोर'! ₹1500 करोड़ से बदल जाएगी इन 22 जिलों की सूरत, जमीन के रेट बढ़ने तय
UP Infrastructure: यूपी में बनेगा 750 KM का ‘कॉरिडोर’! ₹1500 करोड़ से बदल जाएगी इन 22 जिलों की सूरत, जमीन के रेट बढ़ने तय

उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ बनाने की दिशा में योगी सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है, राज्य के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने के लिए अब गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है, लगभग 750 किलोमीटर लंबा यह मेगा कॉरिडोर न केवल यूपी और हरियाणा की दूरी कम करेगा, बल्कि प्रदेश के 22 जिलों की आर्थिक तस्वीर बदलने का दम रखता है।

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₹15,000 करोड़ का महाप्रोजेक्ट

अक्टूबर 2025 की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, इस विशाल परियोजना पर करीब 15,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है यह एक ‘ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे’ होगा, जिसे शुरुआत में 4 से 6 लेन का बनाया जाएगा, लेकिन भविष्य की जरुरतों को देखते हुए इसे 8 लेन तक विस्तार देने का प्रावधान रखा गया है।

इन 22 जिलों से गुजरेगा विकास का रास्ता

यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से को सीधे पश्चिमी सीमा से जोड़ेगा, इस मार्ग में आने वाले प्रमुख जिलों में गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, शाहजहाँपुर, हरदोई, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, सम्भल, बिजनौर, अमरोहा, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली शामिल हैं, इन जिलों में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ बड़े निवेश की भी उम्मीद जताई जा रही है।

जमीन के दामों में आएगा भारी उछाल

एक्सप्रेसवे की खबर लगते ही इन 22 जिलों में रियल एस्टेट मार्केट में हलचल तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कॉरिडोर के एलाइनमेंट के पास आने वाली जमीनों के रेट में 10% से 30% तक की वृद्धि तय है, विशेष रूप से जहां इंटरचेंज और सर्विस रोड बनेंगे, वहां व्यावसायिक गतिविधियों के कारण प्रॉपर्टी की कीमतें आसमान छू सकती हैं।

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समय की बचत और औद्योगिक कॉरिडोर

इस कॉरिडोर के बनने से गोरखपुर से हरिद्वार की यात्रा का सफर मात्र 8 घंटे में पूरा हो सकेगा, सरकार की योजना इस मार्ग के किनारे नए औद्योगिक क्लस्टर और कृषि हब विकसित करने की है, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे, जो उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य की ओर ले जाएगा।

क्या है वर्तमान स्थिति?

NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) इस प्रोजेक्ट की DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) को अंतिम रुप दे चुका है, उम्मीद है कि मार्च 2026 तक इसका निर्माण कार्य धरातल पर शुरु हो जाएगा और अगले तीन वर्षों में इसे पूरा कर जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

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