
यह जानकारी देवी प्रसाद की सफलता के उस पहलू को उजागर करती है, जो न केवल व्यक्तिगत लाभ, बल्कि सामाजिक परिवर्तन (Social Change) से जुड़ा है, उनकी यह पहल ‘ग्रामीण उद्यमिता’ (Rural Entrepreneurship) का एक बेहतरीन उदाहरण है।
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बिज़नेस का मुख्य फोकस: ‘वस्त्र निर्माण’ (Apparel Manufacturing)
देवी प्रसाद की फैक्ट्री मुख्य रूप से परिधान (Garments) बनाती है और उन्होंने एक ही सेगमेंट पर टिके रहने के बजाय ग्राहकों की विविध आवश्यकताओं को पूरा करने का विकल्प चुना है।
उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला (Diverse Product Range):
उनकी फैक्ट्री में बनाए जाने वाले उत्पादों में शामिल हैं:
- महिलाओं के परिधान: लड़कियों के लिए कुर्ती और प्लाजो।
- पुरुषों/यूनिसेक्स परिधान: टी-शर्ट और लोअर।
यह विविधता उन्हें महिला और पुरुष दोनों ग्राहकों तक पहुंचने में मदद करती है।
समावेशी साइजिंग (Inclusive Sizing):
देवी प्रसाद ने बाजार के एक महत्वपूर्ण गैप को भरा है—उन्होंने सभी प्रकार के बॉडी साइज वाले ग्राहकों को लक्षित किया है।
- बच्चों के साइज: छोटे बच्चों के लिए परिधान उपलब्ध हैं।
- बड़ों के साइज: सामान्य से लेकर बड़े साइज (जैसे ट्रिपल एक्सेल/XXXL) तक के लोअर बनाए जाते हैं।
यह समावेशी दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है कि हर उम्र और शरीर के आकार का ग्राहक उनकी दुकान से खरीदारी कर सके।
गुणवत्ता पर विशेष ध्यान (Focus on Quality)
उनकी सफलता का एक प्रमुख कारण गुणवत्ता नियंत्रण है।
- उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि उनके उत्पाद “बेहतर क्वालिटी” के होते हैं जिनमें डबल सिलाई लगाई जाती है डबल सिलाई परिधान को अधिक टिकाऊ और मजबूत बनाती है, जिससे ग्राहक का विश्वास बढ़ता है और रिपीट आर्डर मिलते हैं।
स्थानीय प्रतिभा को मंच (Platform for Local Talent)
उनके पास काम करने वाले 8 से 10 युवा पहले से ही हुनरमंद थे, लेकिन उनके पास संसाधनों या सही अवसर की कमी थी, देवी प्रसाद ने उनकी इसी ‘स्किल’ को ‘बिजनेस’ से जोड़कर एक ‘विन-विन सिचुएशन’ (दोनों का फायदा) पैदा की।
यह रणनीति बताती है कि छोटे स्तर पर शुरू हुआ बिज़नेस भी गुणवत्ता और ग्राहक की जरूरत को प्राथमिकता देकर बड़ा ब्रांड बन सकता है।

















