
PM-KUSUM यानी प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान, भारत सरकार की एक क्रांतिकारी स्कीम है जो किसानों को सोलर पावर से जोड़ रही है। कल्पना कीजिए, आपकी खेतों में सूरज की रोशनी से चलने वाले पंप जो दिन-रात बिना किसी बिल के पानी दें। डीजल पंप पर हर महीने हजारों रुपये उड़ जाते हैं, बिजली के बिल तो और भी सिरदर्दी। लेकिन इस योजना से ये सारी परेशानी दूर। 2026 तक लाखों किसान इससे जुड़ चुके हैं, और सरकार का लक्ष्य है हर ग्रामीण इलाके तक इसे पहुंचाना। यह न सिर्फ खेती को आधुनिक बनाती है, बल्कि पर्यावरण को भी बचाती है – कोई धुआं, कोई प्रदूषण नहीं।
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सब्सिडी का जबरदस्त फायदा
सबसे मजेदार बात तो सब्सिडी की है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सोलर पंप की कुल लागत का 60% सीधे सब्सिडी देती हैं। ऊपर से बैंक से 30% तक आसान लोन मिल जाता है, ब्याज दरें भी कम। मतलब, आपको जेब से सिर्फ 10% ही निकालना पड़ता है। उदाहरण लीजिए, एक 5 HP का सोलर पंप करीब 4-5 लाख का होता है, तो आपका हिस्सा महज 40-50 हजार! किसान भाई कहते हैं, “ये तो जैसे सरकार ने खेती का तोहफा दिया है।” छोटे किसानों के लिए यह जीवन बदलने वाला सौदा है।
डीजल-बिजली से आजादी, खर्चा शून्य
सोलर पंप लगते ही डीजल इंजन की विदाई हो जाती है। वो महंगे डीजल की बोतलें, सर्विसिंग का झंझट – सब खत्म। बिजली वाले इलाकों में भी ग्रिड पर निर्भरता कम। सूरज चमके तो पंप चले, पानी भरे टैंक में। रात को बैटरी स्टोरेज से भी काम चल जाता है। एक किसान दोस्त ने बताया, “पहले महीने का खर्चा 10 हजार था, अब जीरो। फसल की लागत 30% कम हो गई।” सिंचाई अब सस्ती और विश्वसनीय, फसलें ज्यादा लहलहाएंगी।
अतिरिक्त कमाई का सुनहरा मौका
यहां तो ट्विस्ट है! अगर आपका सोलर सिस्टम ज्यादा बिजली बनाए, तो उसे राज्य के ग्रिड में बेच सकते हैं। सरकार खरीदेगी और अच्छा रेट देगी। सालाना 20-30 हजार की एक्स्ट्रा कमाई आसानी से। बंजर जमीन पर छोटे सोलर प्लांट लगाकर तो लाखों कमा सकते हैं। एक गुजरात के किसान ने शेयर किया, “मेरी 1 एकड़ बंजर जमीन अब कमाई का जरिया है।” ये योजना किसानों को ऊर्जा उत्पादक बना रही है।
योजना के तीन मुख्य हिस्से समझिए
PM-KUSUM के तीन घटक हैं, जो हर किसान की जरूरत कवर करते हैं:
- घटक A: बंजर या खाली जमीन पर 500 किलोवाट तक के छोटे सोलर प्लांट लगाएं। इससे बिजली बेचकर कमाई।
- घटक B: ऑफ-ग्रिड इलाकों के लिए स्टैंडअलोन सोलर पंप। कोई ग्रिड कनेक्शन नहीं चाहिए।
- घटक C: पुराने बिजली वाले पंप को सोलर से अपग्रेड करें। ग्रिड से जुड़े रहें और सरप्लस बेचें।
हर घटक किसान की स्थिति के हिसाब से चुना जा सकता है।
आवेदन कैसे करें? स्टेप बाय स्टेप
आवेदन बिल्कुल आसान। अपने राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा विभाग या कृषि विभाग के ऑफिस जाएं, या ऑनलाइन PM-KUSUM पोर्टल पर रजिस्टर करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स: आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन के कागजात (खतौनी/खसरा), और मोबाइल नंबर। फॉर्म भरें, सर्वे होगा, सब्सिडी अप्रूव हो जाएगी। प्रक्रिया 1-2 महीने में पूरी। राज्यवार हेल्पलाइन नंबर चेक करें – जैसे UP में 1800-180-1551।
धोखेबाजों से बचें, सतर्क रहें
मार्केट में ठग घूम रहे हैं, जो फर्जी ऐप या लिंक से पैसे मांगते हैं। कभी किसी अनजान को पैसे न दें। सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट pmkusum.mnre.gov.in या राज्य पोर्टल यूज करें। आधार लिंकिंग फ्री है, कोई upfront पेमेंट नहीं। अगर शक हो, लोकल कृषि अधिकारी से पूछें।
दोस्तों, PM-KUSUM 2026 में खेती को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। अगर आपका खेत सूखा पड़ा है या खर्चा चुभ रहा है, तो आज ही चेक करें। यह योजना लाखों किसानों की जिंदगी बदल चुकी है – आपकी बारी कब?

















