बिहार में सर्दी धीरे-धीरे अपने चरम की ओर बढ़ रही है। सुबह के समय घना कोहरा और दिन में गिरता तापमान यह साफ संकेत दे रहा है कि राज्य में ठंड अब पूरी तरह दस्तक दे चुकी है। ऐसे में छात्रों और अभिभावकों दोनों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्कूलों की सर्दियों की छुट्टियां आखिर कब से शुरू होंगी।
हर साल की तरह इस बार भी दिसंबर के आखिरी सप्ताह में बिहार के सरकारी और निजी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश शुरू होने की उम्मीद है। यह अवकाश न केवल मौसम की कठोरता से राहत देता है बल्कि बच्चों को नए सत्र से पहले थोड़ी मानसिक और शारीरिक ताजगी भी प्रदान करता है।

Table of Contents
क्यों दी जाती हैं सर्दियों की छुट्टियां?
सर्द मौसम में तापमान कई बार 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। ऐसी स्थिति में छोटे बच्चों का स्कूल आना-जाना मुश्किल हो जाता है। ठंड से होने वाली बीमारियों जैसे सर्दी-ज़ुकाम, खांसी और वायरल फीवर से बचाव के लिए शिक्षा विभाग हर वर्ष कुछ दिनों का अवकाश घोषित करता है। इससे शिक्षक और विद्यार्थी दोनों को विश्राम का अवसर मिलता है और शिक्षा की निरंतरता भी बनी रहती है।
इस बार की संभावित तारीखें क्या हैं?
शैक्षणिक कैलेंडर और पिछले वर्षों के रिकॉर्ड को देखते हुए, उम्मीद की जा रही है कि बिहार में स्कूलों का विंटर वेकेशन 25 दिसंबर 2025 से शुरू हो सकता है। इसके साथ ही 26 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक स्कूल बंद रह सकते हैं। नए साल के स्वागत के साथ 2 जनवरी 2026 से कक्षाएं पुनः प्रारंभ की जा सकती हैं।
कुल मिलाकर छात्रों को इस बार करीब 7 दिनों का अवकाश मिलने की संभावना है। इस दौरान बच्चे अपने परिवार के साथ त्योहारों और नए साल का आनंद उठाते हुए रिफ्रेश महसूस करेंगे।
क्या शिक्षा विभाग ने जारी किया है नोटिस?
फिलहाल बिहार शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। मौसम विभाग से आने वाले नए अपडेट और राज्य के अलग-अलग जिलों में तापमान के स्तर को देखते हुए अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अगर ठंड का प्रभाव और बढ़ता है, तो छुट्टियों की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है।
अक्सर विभाग यह निर्णय जिला प्रशासन की रिपोर्ट और स्थानीय मौसम स्थिति के आधार पर करता है ताकि छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा सके।
पैरेंट्स और छात्रों के लिए जरूरी सुझाव
जब तक आधिकारिक नोटिस जारी नहीं होता, तब तक पैरेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे स्कूल प्रशासन से अपडेट लेते रहें। बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाना, पोषक आहार देना और सुबह की ओस या कोहरे में बाहर खेलने से रोकना बहुत जरूरी है।
साथ ही इस अवकाश के दौरान छात्र चाहें तो हल्की पढ़ाई, कहानी किताबें पढ़ना या रिवीजन जैसी गतिविधियों में भी हिस्सा ले सकते हैं ताकि पढ़ाई की गति बनी रहे।

















