उत्तर भारत की ठंडी हवाओं ने इस बार दिसंबर के आख़िरी हफ्ते में ही लोगों को कंपा दिया है। तापमान कई जगहों पर 5 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है और शीतलहर की वजह से बच्चों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे हालात में राज्य सरकारों ने बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियों की घोषणा कर दी है।

Table of Contents
पंजाब और जम्मू-कश्मीर में ठिठुरन से राहत के लिए छुट्टियां
पंजाब में बढ़ती ठिठुरन को देखते हुए सरकार ने 24 दिसंबर से 31 दिसंबर तक सभी स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। इस दौरान स्कूल परिसर, शिक्षण कार्य और आने-जाने की सभी गतिविधियों पर रोक रहेगी।
जम्मू-कश्मीर में तो नवंबर से ही विंटर वेकेशन लागू है। प्री-प्राइमरी कक्षाएं 26 नवंबर से बंद हैं और 28 फरवरी 2026 को खुलेंगी। वहीं, पहली से आठवीं कक्षा तक 1 दिसंबर से छुट्टियां लग चुकी हैं जो 28 फरवरी तक जारी रहेंगी। 9वीं से 12वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल 11 दिसंबर से बंद हुए हैं और 26 फरवरी को दोबारा खोलने का निर्णय लिया गया है।
झारखंड, छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
झारखंड की राजधानी रांची में ठंड और शीतलहर की तीव्रता को देखते हुए जिला प्रशासन ने ऐहतियातन सभी स्कूलों — सरकारी, निजी और मिशनरी — को 27 दिसंबर से 31 दिसंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। यह आदेश केजी से लेकर 12वीं तक की सभी कक्षाओं पर लागू है। यह कदम छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बिहार में 8वीं तक की पढ़ाई पर रोक
राजधानी पटना में बढ़ती ठंड और कोहरे ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। ऐसे में जिला प्रशासन ने 8वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए सभी स्कूलों, प्री-स्कूलों और आंगनवाड़ियों को 30 दिसंबर तक बंद कर दिया है। इस दौरान सभी शिक्षण गतिविधियाँ पूरी तरह स्थगित रहेंगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश 27 दिसंबर से लागू होकर 30 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगा।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी से शुरू होंगी छुट्टियां
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के राज्यों में न्यूनतम तापमान गिर रहा है। दिल्ली सरकार ने 1 जनवरी 2026 से स्कूलों में विंटर वेकेशन की घोषणा की है। यूपी में भी अधिकतर जिलों में सर्दियों की छुट्टियां तय कर दी गई हैं, जबकि जहां ठंड अधिक बढ़ गई है — जैसे गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और सहारनपुर — वहां पहले ही स्कूलों को बंद कर दिया गया है।
ठंड की मार से बच्चों की सेहत पर फोकस
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जनवरी के पहले सप्ताह तक शीतलहर की स्थिति जारी रह सकती है। इसलिए राज्य सरकारें फिलहाल छुट्टियों की अवधि और बढ़ाने पर भी विचार कर सकती हैं। अभिभावकों से अपील की गई है कि बच्चे स्कूल जाते समय पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और सुबह के वक्त अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।

















