
झारखंड में लगातार गिरते तापमान और कड़ाके की ठंड के चलते स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने राज्य के सभी श्रेणी के सरकारी, गैर-सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को 8 जनवरी 2026 तक बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि राज्य के कई इलाकों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है।
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रांची, मेदिनीनगर और बोकारो में तापमान में भारी गिरावट
मौसम विभाग के मुताबिक, रांची में पिछले 24 घंटे में तापमान 4.1 डिग्री, मेदिनीनगर में 5.4 डिग्री और बोकारो में 3.1 डिग्री सेल्सियस गिर गया। राजधानी रांची का न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री, मेदिनीनगर का 6.3 डिग्री, बोकारो का 8.5 डिग्री, लोहरदगा का 4.1 डिग्री और कांके का न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि ठंड ने राज्य के ज्यादातर जिलों को अपनी चपेट में ले लिया है।
स्कूलों में ठंड से कांपते नजर आए बच्चे
बीते कुछ दिनों में ठंड के कारण बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंच रहे थे। कई जगहों पर छात्र-छात्राएं ठंड से परेशान होकर घर लौट जाते थे। अभिभावकों और शिक्षकों की लगातार मांग थी कि सरकार स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाए। इस पर राज्य सरकार ने संज्ञान लेते हुए 8 जनवरी तक स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए।
प्री-बोर्ड परीक्षाओं पर निर्णय स्कूल प्रबंधन के हाथ
जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी विद्यालय में प्री-बोर्ड परीक्षा आयोजित की जा रही है, तो सक्षम प्राधिकारी अपने विवेकानुसार परीक्षा संचालन को लेकर निर्णय ले सकते हैं। यानी, यदि स्कूल चाहें तो परीक्षा को आगे बढ़ा सकते हैं या ठंड के बीच सुरक्षा उपायों के साथ आयोजित कर सकते हैं।
गुमला जिले में तीन दिन की अतिरिक्त छुट्टी
गुमला में शीतलहर का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला है। जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में तीन दिन की अतिरिक्त छुट्टी बढ़ा दी गई है। जिला शिक्षा अधीक्षक और जिला शिक्षा पदाधिकारी गुमला द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 6 जनवरी से 8 जनवरी 2026 तक सभी कक्षाएं बंद रहेंगी। हालांकि, इस दौरान सरकारी विद्यालयों के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों को उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है।
हजारीबाग में आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में बदलाव
ठंड के बीच हजारीबाग में आंगनबाड़ी केंद्र बंद नहीं किए गए हैं, लेकिन उनके खुलने के समय में बदलाव किया गया है। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शिप्रा सिन्हा ने बताया कि अब आंगनबाड़ी केंद्र सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक खुले रहेंगे। पहले की तुलना में यह समय घटाकर रखा गया है ताकि छोटे बच्चों को अत्यधिक ठंड से बचाया जा सके।
शीतलहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त
राज्य के कई जिलों में शीतलहर के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़कें सुबह-सुबह धुंध की चादर में लिपटी नजर आती हैं, और लोगों को आवश्यक कार्यों के लिए घर से निकलने में कठिनाई हो रही है। ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं, जबकि प्रशासन भी जरूरतमंदों को गर्म कपड़े और कंबल वितरित करने की तैयारी में जुटा है।
सरकार का निर्णय बच्चों की सुरक्षा के लिए सराहनीय
झारखंड सरकार का यह निर्णय न केवल आवश्यक बल्कि समयानुसार भी है। पिछले कुछ वर्षों से देखा गया है कि सर्दियों में अत्यधिक तापमान गिरने से बच्चों की तबीयत पर असर पड़ता है। स्कूल बंद करने से बच्चे सुरक्षित रहेंगे और परिवारों को भी राहत मिलेगी।
आगे के लिए चेतावनी और सलाह
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी तापमान में और गिरावट की संभावना जताई है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे गर्म कपड़े पहनें, बच्चों को सुबह की ठंडी हवाओं से बचाएं और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।

















