
दुबई का बुर्ज खलीफा अब तक दुनिया की सबसे ऊंची इमारत के तौर पर जाना जाता है, लेकिन आने वाले कुछ सालों में यह खिताब उसके सामने टिक नहीं पाएगा। सऊदी अरब ने एक ऐसा प्रोजेक्ट शुरू किया है जो वास्तुकला और इंजीनियरिंग की सीमाओं को फिर से परिभाषित करेगा। इस इमारत का नाम है जेद्दा टावर, जिसकी ऊंचाई 1000 मीटर यानी पूरा एक किलोमीटर होगी।
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बुर्ज खलीफा से भी ऊंचा होगा जेद्दा टावर
जहां बुर्ज खलीफा की ऊंचाई 828 मीटर है, वहीं जेद्दा टावर उससे करीब 172 मीटर ऊंचा होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें बुर्ज खलीफा की 163 मंज़िलों से भी ज्यादा फ्लोर होंगे। दुनिया में आज तक इतनी ऊंचाई तक किसी स्थायी स्ट्रक्चर का निर्माण नहीं हुआ है, इसलिए यह प्रोजेक्ट अपने आप में अनूठा है।
2025 में फिर शुरू हुआ निर्माण कार्य
जेद्दा टावर का सपना नया नहीं है। 2011 में इसकी घोषणा की गई थी और शुरुआती सालों में निर्माण ने तेजी भी पकड़ी थी। लेकिन बाद में भ्रष्टाचार और प्रोजेक्ट के प्रबंधन से जुड़ी दिक्कतों के कारण काम रोक दिया गया। उस समय तक टावर की 63 मंजिलें बन चुकी थीं।
अब 2025 में इस प्रोजेक्ट पर दोबारा काम शुरू किया गया है, जिसे सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद के “विजन 2030” के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। उनका लक्ष्य है सऊदी अरब को तेल पर निर्भरता से आगे बढ़ाकर एक आधुनिक और वैश्विक स्तर का आर्थिक केंद्र बनाना।
अब तक बन चुके हैं 80 फ्लोर
ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, जेद्दा टावर के 80 फ्लोर का निर्माण पूरा हो चुका है और काम तेजी से चल रहा है। प्रोजेक्ट से जुड़े इंजीनियर और आर्किटेक्ट इसे “21वीं सदी की इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण” बता रहे हैं। टावर के डिजाइन में हवा के तेज दबाव, तापमान के उतार-चढ़ाव और ऊंचाई पर स्थिरता को ध्यान में रखते हुए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
जेद्दा इकनॉमिक सिटी में बनेगा ये अजूबा
यह गगनचुंबी इमारत सऊदी अरब के जेद्दा शहर में बन रही है, जो पहले से ही देश का प्रमुख व्यापारिक और तटीय केंद्र है। इस प्रोजेक्ट का हिस्सा है “जेद्दा इकनॉमिक सिटी” एक नई स्मार्ट सिटी, जिसमें आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजनेस हब, पर्यटन स्थल और आवासीय क्षेत्र शामिल होंगे। टावर इस पूरे प्रोजेक्ट का केंद्रीय आकर्षण होगा और भविष्य में यह जेद्दा की पहचान बन जाएगा।
टावर में होंगी अत्याधुनिक सुविधाएं
जेद्दा टावर सिर्फ ऊंचाई में ही नहीं, बल्कि लक्जरी और आधुनिकता में भी लेंज़मार्क साबित होगा। इसमें ऑफिस स्पेस, लग्जरी होटल, हाई-एंड अपार्टमेंट्स और ऑब्ज़र्वेशन डेक्स होंगे, जहां से लोग पूरी सिटी का विहंगम दृश्य देख सकेंगे। यहां आने-जाने के लिए अल्ट्रा-फास्ट लिफ्ट सिस्टम लगाया जाएगा, जो कुछ ही सेकंड में दर्जनों मंजिलें पार कर लेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस इमारत में सभी फ्लोरों को कनेक्ट करने के लिए डबल डेक एलिवेटर्स की योजना है, ताकि भीड़भाड़ ना हो।
सऊदी अरब के भविष्य का प्रतीक
जेद्दा टावर न सिर्फ दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनने जा रहा है, बल्कि यह सऊदी अरब के आत्मविश्वास और भविष्य की दिशा को भी दर्शाता है। यह प्रोजेक्ट दिखाता है कि अब खाड़ी देश केवल तेल से नहीं, बल्कि विजन और नवाचार से भी अपनी पहचान बना रहे हैं।
कब तक बनकर होगा तैयार?
यदि निर्माण कार्य इसी गति से चलता रहा तो खबरों के मुताबिक यह टावर 2028 तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा। उसके बाद जेद्दा शहर पर्यटकों, निवेशकों और आर्किटेक्चर के छात्रों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बन जाएगा।

















