सहारा निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब ₹5 लाख तक का फंसा पैसा आसानी से वापस पा सकते हैं। सरकारी पोर्टल पर सरल ऑनलाइन आवेदन से क्लेम प्रक्रिया तेज हो गई है, जो लाखों लोगों को राहत देगी।

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निवेशकों की लंबी प्रतीक्षा समाप्त
कई सालों से सहारा की कोऑपरेटिव सोसाइटियों में फंसा पैसा अब घर बैठे वापस मिलने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विशेष पोर्टल तैयार किया, जहां छोटे-मझोले निवेशक तेजी से रिफंड हासिल कर सकें। पहले सीमित राशि तक ही भुगतान होता था, लेकिन अब ₹5 लाख तक के दावे आसानी से स्वीकृत हो रहे हैं।
क्लेम की नई सरल प्रक्रिया
यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है, बिना किसी बिचौलिए के। पहले चरण में आधार और मोबाइल से रजिस्ट्रेशन होता है, फिर क्लेम फॉर्म भरना पड़ता है। अपलोडेड दस्तावेजों की जांच के बाद 45 दिनों में आधार-लिंक्ड बैंक खाते में राशि ट्रांसफर हो जाती है। दिसंबर 2025 तक करोड़ों रुपये का भुगतान हो चुका है, और प्रक्रिया में और तेजी लाई गई है।
आवेदन प्रक्रिया क्या है?
- आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ‘डिपॉजिटर रजिस्ट्रेशन’ विकल्प चुनें।
- आधार नंबर, मोबाइल और कैप्चा डालकर OTP से वेरीफाई करें।
- लॉगिन के बाद क्लेम फॉर्म जेनरेट करें, सोसाइटी नाम, जमा राशि और पासबुक डिटेल्स भरें।
- फोटो, साइन और जरूरी कागजात अपलोड कर सबमिट करें।
- स्टेटस ट्रैक करने के लिए CRN नंबर नोट करें और ‘ट्रैक स्टेटस’ से चेक करें।
आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें
आवेदन के समय पासबुक, डिपॉजिट सर्टिफिकेट, PAN, आधार और बैंक पासबुक स्कैन कॉपी जरूरी हैं। अगर पहले क्लेम रिजेक्ट हो गया हो, तो ‘रीसबमिशन लॉगिन’ से दोबारा ट्राई करें। सहारा क्रेडिट, हमारा इंडिया जैसी सभी प्रमुख सोसाइटियां कवर होती हैं। हेल्पलाइन नंबर से तुरंत मदद लें अगर कोई समस्या आए।
महत्वपूर्ण टिप्स और सावधानियां
डेडलाइन नजदीक आ रही है, इसलिए जल्द आवेदन करें ताकि रिफंड में देरी न हो। फर्जी वेबसाइट्स से बचें, सिर्फ सरकारी पोर्टल ही इस्तेमाल करें। सफल क्लेम के बाद SMS अलर्ट मिलेगा, और पैसा सीधे खाते में आएगा। यह योजना लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी। कुल मिलाकर, यह निवेशकों के लिए सुनहरा मौका है।

















