नए साल से राशन वितरण का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा, जिससे गरीब परिवारों को ज्यादा फायदा मिलेगा। अब हर यूनिट यानी परिवार के एक सदस्य को सीधे 2 किलो गेहूं और 3 किलो चावल मिलेगा। यह बदलाव लाखों परिवारों की थाली को संतुलित बनाएगा।

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नई व्यवस्था की खासियतें
हर व्यक्ति आधारित वितरण से परिवार का आकार जितना बड़ा, अनाज उतना ज्यादा मिलेगा। पहले कुल मिलाकर तय मात्रा दी जाती थी, लेकिन अब व्यक्तिगत हिसाब से गेहूं बढ़ेगा और चावल का संतुलन बनेगा। इससे बाजार की कीमतों पर भी असर पड़ेगा।
कौन-कौन से कार्ड प्रभावित?
- सामान्य पीले कार्ड धारक: गेहूं की मात्रा बढ़कर 3 किलो, चावल 2 किलो प्रति सदस्य।
- अंत्योदय कार्ड: परिवार को कुल 35 किलो अनाज, जिसमें गेहूं 14 किलो और चावल 21 किलो।
- राज्य स्तर के कार्ड: केंद्र के नए फॉर्मूले का पालन करेंगे, आटा का विकल्प भी रहेगा।
बदलाव का मुख्य कारण
अनाज का उत्पादन और भंडारण संतुलित रखने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। गेहूं की ज्यादा उपलब्धता से पोषण स्तर सुधरेगा। दिसंबर तक पुरानी व्यवस्था चलेगी, उसके बाद नया सिस्टम शुरू।
अभी क्या करें?
राशन दुकान पर जाकर नई लिस्ट देखें और कार्ड अपडेट करवाएं। ई-केवाईसी पूरा रखें ताकि कोई रुकावट न आए। ऑनलाइन पोर्टल से अपनी स्थिति चेक करें और परिवार के सभी सदस्यों का विवरण सही रखें।

















