
जिले में राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) अभियान पिछले छह महीनों से लगातार चलाया जा रहा है। इसके बावजूद अब भी हजारों परिवार ऐसे हैं जिन्होंने अपनी जानकारी अपडेट नहीं करवाई है। शासन ने स्पष्ट आदेश दिया है कि जिनकी ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई है, उनके नाम पर फिलहाल राशन वितरण रोका जाएगा। यह कदम पारदर्शिता और धोखाधड़ी रोकने के लिए उठाया गया है।
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17 लाख यूनिटों में से 2.38 लाख अब भी अपूर्ण
जिला आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल लगभग 17 लाख यूनिटें सक्रिय हैं, जिन्हें हर माह सरकारी दुकानों से अनाज मिलता है। इनमें से करीब 14.62 लाख यूनिटों ने समय पर ई-केवाईसी करा ली है, लेकिन 2.38 लाख यूनिट अब भी अपूर्ण हैं। यानी लगभग 14 प्रतिशत लोगों ने अब तक अपनी जानकारी फीड नहीं करवाई है। इनमें पुराने सदस्यों के साथ-साथ नई जोड़ी गई यूनिटें भी शामिल हैं।
सरकार का सख्त निर्देश
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने साफ कर दिया है कि जिन राशन कार्डधारकों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है, उन्हें इस माह का राशन नहीं मिलेगा। विभाग की ओर से बार-बार सूचना देने, तारीख बढ़ाने और प्रचार-प्रसार के बावजूद कई लोगों ने इस प्रक्रिया में रुचि नहीं दिखाई। अब सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि 25 सितंबर तक ई-केवाईसी पूरा करने वालों के राशन को ही अगले माह बहाल किया जाएगा।
लोगों को मिल चुका है पर्याप्त समय
डीएसओ (जिला आपूर्ति अधिकारी) संजीव कुमार सिंह के अनुसार, “ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में करीब 2.38 लाख यूनिटों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई है। इन लोगों को कई बार नोटिस, एसएमएस और जनसंदेशों के माध्यम से जानकारी दी गई। फिर भी उन्होंने पहल नहीं दिखाई। अब ऐसे कार्डधारकों का राशन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, ताकि अगले महीने तक वे प्रक्रिया पूरी कर लें।”
प्रक्रिया क्या है – ऐसे कराएं अपनी ई-केवाईसी
जिन लोगों ने ई-केवाईसी नहीं करवाई है, वे अपने नजदीकी कोटेदार के पास जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने राशन कार्ड, आधार कार्ड और संबंधित यूनिट के सदस्यों की जानकारी प्रस्तुत करनी होती है। कोटेदार या CSC सेंटर पर बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए यह प्रक्रिया पूरी होती है। एक बार ई-केवाईसी पूरी हो जाने पर यूनिट की स्थिति सक्रिय मानी जाती है, और कार्डधारक को दोबारा राशन मिलना शुरू हो जाता है।
क्यों जरूरी है ई-केवाईसी?
ई-केवाईसी यानी इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर, सरकार की एक डिजिटल प्रक्रिया है जिसके जरिए कार्डधारकों की पहचान आधार से सत्यापित की जाती है। इससे फर्जी राशन कार्ड, डुप्लीकेट यूनिट या मृत सदस्यों के नाम पर चल रहे कार्डों को चिन्हित कर हटाया जा सकता है। यही कारण है कि सरकार ने इसे अनिवार्य किया है, ताकि हर पात्र परिवार को उसका उचित हक मिल सके।
25 सितंबर तक मौका, नहीं तो कटेगा नाम
जिन यूनिटों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, उन्हें अंतिम मौका दिया गया है। 25 सितंबर तक अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं करने वालों का नाम राशन कार्ड से हटा दिया जाएगा। एक बार नाम कट जाने पर पुनः जोड़वाने के लिए नई आवेदन प्रक्रिया से गुजरना होगा, जो समय लेने वाली है। इसलिए विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने दस्तावेज अपडेट करवाएं।
पारदर्शिता और जनहित की दिशा में बड़ा कदम
ई-केवाईसी अभियान केवल तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज में पारदर्शिता लाने की पहल है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सरकारी खाद्यान्न वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक ही पहुंचे। जिलास्तर से लेकर राज्यस्तर तक अधिकारी इस अभियान को सफलता की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।

















