देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi जहां भी जाते हैं, उनकी सुरक्षा और व्यवस्थाएं पूरी तरह हाई-लेवल होती हैं। पीएम की गाड़ी, काफिला और उसे चलाने वाला ड्राइवर, ये सब आम सिस्टम का हिस्सा नहीं होते। ऐसे में लोगों के मन में अक्सर सवाल उठता है कि आखिर प्रधानमंत्री (PM Modi) के ड्राइवर को कितनी सैलरी मिलती है और उसकी नौकरी कितनी खास होती है।

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पीएम के ड्राइवर की नौकरी क्यों होती है खास
प्रधानमंत्री की कार चलाने वाला ड्राइवर सीधे Prime Minister’s Office (PMO) के अंतर्गत नियुक्त होता है। यह कोई सामान्य ड्राइवर की पोस्ट नहीं है। इस पद के लिए ड्राइविंग स्किल के साथ-साथ सुरक्षा मानकों, मानसिक सतर्कता और आपात स्थितियों से निपटने की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। केवल अनुभवी और भरोसेमंद ड्राइवरों को ही यह जिम्मेदारी सौंपी जाती है।
कितनी होती है पीएम के ड्राइवर की सैलरी
पीएमओ में कार्यरत ड्राइवरों को केंद्र सरकार के वेतनमान के अनुसार पे-लेवल 5 के अंतर्गत वेतन मिलता है।
- न्यूनतम सैलरी: लगभग 29,200 रुपये प्रति माह
- अधिकतम सैलरी: 92,300 रुपये प्रति माह तक
यह सैलरी अनुभव, सेवा अवधि और पदोन्नति के आधार पर बढ़ती जाती है। इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रैवल अलाउंस और अन्य सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं।
बेसिक सैलरी और अन्य भत्ते
2023 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार पीएमओ में ड्राइवरों की बेसिक सैलरी करीब 42,800 से 44,100 रुपये के आसपास थी। कुल सैलरी भत्तों को मिलाकर इससे कहीं ज्यादा हो जाती है। उस समय पीएमओ में सीमित संख्या में ही ड्राइवर कार्यरत थे, जिनमें से कुछ को ही सीधे प्रधानमंत्री की गाड़ी चलाने की जिम्मेदारी दी जाती है।
चयन प्रक्रिया होती है बेहद सख्त
पीएम के ड्राइवर बनने के लिए सिर्फ लाइसेंस होना काफी नहीं है।
- कई चरणों में ड्राइविंग टेस्ट
- सिक्योरिटी वेरिफिकेशन
- मेडिकल और साइकोलॉजिकल जांच
- विशेष सुरक्षा ट्रेनिंग
इन सभी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद ही किसी ड्राइवर को इस पद पर नियुक्त किया जाता है।
पीएमओ के अन्य स्टाफ की सैलरी भी जान लें
प्रधानमंत्री कार्यालय में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों जैसे कुक, अटेंडेंट और सपोर्ट स्टाफ को भी सरकारी वेतनमान के अनुसार सैलरी मिलती है। उदाहरण के तौर पर, पीएमओ में कुक का पद पे-लेवल 1 में आता है, जिसमें सैलरी करीब 18,000 से 56,900 रुपये तक हो सकती है।
सिर्फ सैलरी नहीं, जिम्मेदारी भी बड़ी
पीएम के ड्राइवर की नौकरी सिर्फ पैसों के लिए नहीं जानी जाती। यह पद देश की सुरक्षा से जुड़ा होता है। समय की पाबंदी, गोपनीयता और सतर्कता इस नौकरी की सबसे बड़ी शर्तें हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गाड़ी चलाने वाला ड्राइवर न सिर्फ एक सरकारी कर्मचारी होता है, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा भी होता है। अच्छी सैलरी, सरकारी सुविधाएं और सम्मान, सब कुछ इस नौकरी से जुड़ा है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी होती है।

















