उत्तर प्रदेश रेल नेटवर्क में बड़ा बदलाव आने वाला है। सहजनवा से दोहरीघाट तक 81 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने का प्रोजेक्ट जोरों पर है। इस पर करीब 1320 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जो पूर्वांचल के यात्रियों को तेज और सुविधाजनक सफर देगा। कुल 403 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हो चुका है, जिससे निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

Table of Contents
प्रोजेक्ट की रूपरेखा
यह महत्वपूर्ण रेल परियोजना तीन हिस्सों में बंटी हुई है। पहला हिस्सा सहजनवा से बांसगांव तक 33 किलोमीटर लंबा है, जो अगले दो साल में तैयार हो सकता है। दूसरा हिस्सा बांसगांव से बड़हलगंज तक 37 किलोमीटर का फैलेगा, जबकि तीसरा हिस्सा बड़हलगंज से न्यू दोहरीघाट तक सिर्फ 11 किलोमीटर का होगा। मिट्टी भराई, पुल निर्माण और अन्य बुनियादी काम शुरू हो चुके हैं। स्थानीय स्तर पर इससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सरयू नदी पर 1200 मीटर लंबा मजबूत रेल पुल बनेगा, जो पूरे इलाके की कनेक्टिविटी मजबूत करेगा।
नए स्टेशनों का विवरण
इस नई लाइन पर कुल 11 आधुनिक रेलवे स्टेशन विकसित होंगे, जो ग्रामीण इलाकों को सीधे रेल से जोड़ेंगे। इनमें पिपरौली, खजनी, उनवल, बैदौली बाबू, बांसगांव, ऊरुवा बाजार, बनवारपार, गोला बाजार, भरौली, बड़हलगंज और न्यू दोहरीघाट प्रमुख हैं। ये स्टेशन यात्रियों को गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहरों तक आसान पहुंच देंगे। छोटे-छोटे गांवों के लोग अब लंबी दूरी तय किए बिना ट्रेन पकड़ सकेंगे।
जमीन अधिग्रहण की प्रगति
परियोजना के लिए 112 गांवों से जमीन ली जा रही है। अब तक 57 हेक्टेयर का अधिग्रहण पूरा हो चुका है, जिसमें पहले चरण के लिए 44 हेक्टेयर तैयार हैं। बाकी हिस्सों के लिए भी आधिकारिक प्रक्रिया तेज हो गई है। स्पेशल प्रोजेक्ट का स्टेटस मिलने से सभी कामों में गति आ गई है। किसानों और स्थानीय लोगों को मुआवजा समय पर मिल रहा है, जिससे कोई बड़ा विवाद नहीं हो रहा।
यात्रियों और अर्थव्यवस्था को फायदा
नई रेल लाइन से गोरखपुर से वाराणसी, प्रयागराज और छपरा की यात्रा छोटी हो जाएगी। 11 बड़े पुल, 47 छोटे पुल और 15 अंडरपास बनेंगे, जिससे मालगाड़ियां भी सुचारु रूप से चलेंगी। इससे व्यापार बढ़ेगा, सामान सस्ता पहुंचेगा और नौकरियां पैदा होंगी। पूर्वांचल के दूरस्थ गांव मुख्य रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। कुल मिलाकर, यह प्रोजेक्ट यूपी की विकास यात्रा को नई गति देगा। स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

















