पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ी को EV में बदलना अब संभव, जानें कितना आएगा खर्च

बढ़ते प्रदूषण और सख्त नियमों के कारण अगर आप अपनी 10-15 साल पुरानी कार को कबाड़ (Scrap) में भेजने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी हो सकती है, अब देश में पेट्रोल और डीजल गाड़ियों को इलेक्ट्रिक (Retrofitting) में बदलना न केवल आसान हो गया है, बल्कि सरकार भी इसके लिए प्रोत्साहित कर रही है

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पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ी को EV में बदलना अब संभव, जानें कितना आएगा खर्च
पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ी को EV में बदलना अब संभव, जानें कितना आएगा खर्च

बढ़ते प्रदूषण और सख्त नियमों के कारण अगर आप अपनी 10-15 साल पुरानी कार को कबाड़ (Scrap) में भेजने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी हो सकती है, अब देश में पेट्रोल और डीजल गाड़ियों को इलेक्ट्रिक (Retrofitting) में बदलना न केवल आसान हो गया है, बल्कि सरकार भी इसके लिए प्रोत्साहित कर रही है। 

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कितना आएगा खर्च?

2026 के आंकड़ों के अनुसार, एक पुरानी कार को इलेक्ट्रिक में बदलने का खर्च उसमें इस्तेमाल होने वाली किट और बैटरी की क्षमता पर निर्भर करता है:

  • बेसिक किट की शुरुआत करीब ₹2 लाख से ₹3.5 लाख के बीच होती है।
  • अधिक रेंज (150-200 किमी) और बेहतर परफॉर्मेंस वाली किट के लिए यह खर्च ₹5 लाख से ₹8 लाख तक जा सकता है।
  •  विशेषज्ञों का मानना है कि एक बार EV में बदलने के बाद आप सालाना ईंधन के खर्च में करीब ₹1 लाख से अधिक की बचत कर सकते हैं। 

दिल्ली सरकार की ‘EV पॉलिसी 2.0’ और सब्सिडी

दिल्ली में हाल ही में प्रस्तावित EV पॉलिसी 2.0 के तहत, पुरानी गाड़ियों को रेट्रोफिट (इलेक्ट्रिक में तब्दील) कराने पर सरकार ₹50,000 तक की सब्सिडी देने की योजना बना रही है, यह कदम विशेष रुप से उन लोगों के लिए है जिनकी गाड़ियां दिल्ली-NCR के 10 (डीजल) और 15 (पेट्रोल) साल वाले नियम के कारण सड़क से बाहर होने वाली हैं। 

कैसे होगी आपकी कार कन्वर्ट?

  •  सबसे पहले आपको ICAT या ARAI द्वारा प्रमाणित इलेक्ट्रिक किट का चुनाव करना होगा।
  • यह काम केवल सरकार द्वारा अधिकृत ‘रेट्रोफिटमेंट सेंटर्स’ (ERFC) से ही कराया जा सकता है।
  •  कन्वर्जन के बाद आपको अपनी गाड़ी की RC में ईंधन के प्रकार को ‘Electric’ के रूप में अपडेट कराना अनिवार्य है।  

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क्या हैं इसके बड़े फायदे?

  •  इलेक्ट्रिक में बदलने के बाद आपकी पुरानी कार को अगले 5 से 10 साल तक चलाने की अनुमति मिल सकती है।
  •  इलेक्ट्रिक इंजन में पेट्रोल इंजन के मुकाबले काफी कम ‘मूविंग पार्ट्स’ होते हैं, जिससे सर्विस का खर्च भी बहुत कम हो जाता है।
  • शून्य टेलपाइप उत्सर्जन के कारण यह प्रदूषण घटाने में सबसे कारगर तरीका है। 

विशेषज्ञों की सलाह है कि रेट्रोफिटिंग से पहले अपनी बीमा कंपनी और अधिकृत सेंटर से किट की वारंटी और सुरक्षा मानकों की जांच जरूर कर लें। 

Old Petrol Diesel Cars Will Now be Converted Into EV
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indsocplantationcrops

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