
भारत सरकार ने 2026 की शुरुआत आम नागरिकों के लिए एक बड़ी सुविधा के साथ की है। विधि और न्याय मंत्रालय ने 1 जनवरी 2026 को “न्याय सेतु” (Nyay Setu) नाम का एक डिजिटल चैटबॉट लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य है — लोगों को उनकी रोज़मर्रा की कानूनी समस्याओं से जुड़ी प्रारंभिक जानकारी घर बैठे, मोबाइल पर और पूरी तरह मुफ्त में उपलब्ध कराना।
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क्यों जरूरी था न्याय सेतु जैसा प्लेटफॉर्म?
कई बार लोगों को कानूनी मामलों में फंसने के बाद भी सही सलाह नहीं मिल पाती। संपत्ति विवाद हो, तलाक का मामला हो या घरेलू हिंसा जैसी स्थिति लोग अक्सर डर, खर्च या जानकारी की कमी की वजह से कानून की सही जानकारी नहीं ले पाते।
इसी समस्या को समझते हुए सरकार ने न्याय सेतु चैटबॉट तैयार किया है, जिससे आम आदमी अपने अधिकारों और विकल्पों के बारे में पहले से स्पष्ट समझ पा सके।
व्हाट्सऐप पर ऐसे करें शुरुआत
इस ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है। यह चैटबॉट सीधे व्हाट्सऐप पर चलता है। अगर आप इसे इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो बस अपने मोबाइल में नंबर 7217711814 सेव करें और उस पर “Hi” या कोई भी संदेश भेजें।
इसके बाद चैटबॉट आपसे पहचान वेरिफिकेशन के लिए कुछ बुनियादी सवाल पूछेगा। वेरिफिकेशन पूरा होते ही आप सीधे न्याय सेतु प्लेटफॉर्म से जुड़ जाएंगे, जहां आप अपना विषय चुन सकते हैं —
- सिविल केस (संपत्ति विवाद, किरायेदारी आदि)
- क्रिमिनल केस (शिकायत, एफआईआर, ज़मानत आदि)
- फैमिली डिस्प्यूट (तलाक, कस्टडी, भरण-पोषण)
- कॉर्पोरेट या रोजगार कानून
आसान भाषा, हर किसी के लिए समझने योग्य
न्याय सेतु चैटबॉट की खासियत यह है कि यह कानूनी भाषा को सरल शब्दों में समझाता है। अक्सर कानूनी शब्दावली इतनी पेचीदा होती है कि आम लोगों को समझना मुश्किल पड़ता है। लेकिन यह प्लेटफॉर्म बातचीत के अंदाज में गाइडेंस देता है, जिससे हर व्यक्ति अपने सवालों का जवाब आसानी से समझ सके।
सबसे बढ़िया बात यह है कि यह सेवा 24 घंटे और सातों दिन उपलब्ध है। यानी किसी ऑफिस या वकील के पास जाने की जरूरत नहीं।
कैसे करता है काम यह चैटबॉट?
यह प्लेटफॉर्म कानूनी फैसला नहीं सुनाता बल्कि जानकारी और दिशा देता है। जब यूजर कोई प्रश्न भेजता है, तो चैटबॉट उसके विषय को पहचानकर संबंधित कानून, नियम और आवश्यक प्रक्रिया बताता है।
अगर कोई मामला गंभीर या विस्तृत श्रेणी का हो, तो यह यूजर को सरकारी कानूनी नेटवर्क जैसे—
- Tele Law,
- Nyaya Bandhu, या
- Legal Services Authority
से जोड़ देता है, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी पैनल वकील या कानूनी संस्था से बात की जा सके।
किन मामलों में मिलेगी मदद?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि न्याय सेतु मुख्य रूप से उन कानूनी मामलों में सहायता करेगा, जिनका सामना आम लोग रोज करते हैं। जैसे—
- घरेलू हिंसा से संबंधित अधिकार,
- तलाक और कस्टडी से जुड़े नियम,
- भरण-पोषण (Maintenance) की प्रक्रिया,
- संपत्ति या पैतृक विवाद,
- अपार्टमेंट, रोजगार या छोटे व्यावसायिक विवाद।
यह शुरुआती गाइडेंस देने वाला टूल है, जो उपयोगकर्ता को सही विकल्पों की जानकारी देकर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करने में मदद करता है।
लोगों के लिए कैसे फायदेमंद है यह पहल?
न्याय सेतु का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब लोगों को किसी भी छोटे कानूनी मसले पर वकील के पास भागने की जरूरत नहीं होगी। वे पहले चैटबॉट के माध्यम से बुनियादी जानकारी लेकर समझ सकेंगे कि क्या उन्हें अदालत या विधिक मदद केंद्र से संपर्क करना चाहिए या नहीं।
यह न सिर्फ समय और पैसे की बचत करेगा, बल्कि लोगों को सही जानकारी तक पहुंचने में सक्षम बनाएगा। खासकर ग्रामीण इलाकों और महिलाओं के लिए यह पहल बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।
डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और कदम
भारत सरकार की यह नई पहल “डिजिटल इंडिया न्याय प्रणाली” की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। जैसे UPI ने आम लोगों के लिए डिजिटल पेमेंट आसान बना दिया, वैसे ही न्याय सेतु अब कानूनी गाइडेंस को सभी के लिए सुलभ बना देगा। यह दिखाता है कि अब न्याय केवल अदालत तक सीमित नहीं, बल्कि हर मोबाइल स्क्रीन तक पहुंच पाया है।

















