बस या कार में सफर करते ही आती है उल्टी? आपके शरीर के भीतर छिपे हैं ये 3 बड़े कारण, जानें बचने का रामबाण तरीका

अक्सर कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि बस या कार का सफर शुरू होते ही उनका जी मिचलाने लगता है और उल्टी की समस्या शुरू हो जाती है, चिकित्सा विज्ञान में इसे 'मोशन सिकनेस' कहा जाता है, 2026 के नवीनतम स्वास्थ्य आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया की एक बड़ी आबादी इस समस्या से जूझ रही है

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बस या कार में सफर करते ही आती है उल्टी? आपके शरीर के भीतर छिपे हैं ये 3 बड़े कारण, जानें बचने का रामबाण तरीका
बस या कार में सफर करते ही आती है उल्टी? आपके शरीर के भीतर छिपे हैं ये 3 बड़े कारण, जानें बचने का रामबाण तरीका

अक्सर कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि बस या कार का सफर शुरू होते ही उनका जी मिचलाने लगता है और उल्टी की समस्या शुरू हो जाती है, चिकित्सा विज्ञान में इसे ‘मोशन सिकनेस’ कहा जाता है, 2026 के नवीनतम स्वास्थ्य आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया की एक बड़ी आबादी इस समस्या से जूझ रही है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? दरअसल, इसके पीछे आपके शरीर के भीतर छिपे तीन बड़े वैज्ञानिक कारण जिम्मेदार हैं। 

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इन 3 कारणों से बिगड़ती है सफर में तबीयत

विशेषज्ञों के अनुसार, मोशन सिकनेस कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर की एक प्रतिक्रिया है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं: 

  • इंद्रियों का आपसी तालमेल बिगड़ना (Sensory Conflict): सफर के दौरान जब आप वाहन के अंदर होते हैं, तो आपके कान के आंतरिक हिस्से (जो संतुलन का काम करते हैं) दिमाग को बताते हैं कि आप गति में हैं, लेकिन आपकी आंखें कार के अंदर की स्थिर चीजों को देख रही होती हैं, दिमाग को मिलने वाले इन विपरीत संकेतों के कारण भ्रम पैदा होता है और उल्टी महसूस होने लगती है।
  • कान के ‘वेस्टिबुलर सिस्टम’ की संवेदनशीलता: हमारे कान के भीतर एक तरल पदार्थ होता है जो संतुलन बनाए रखता है। वाहन के झटकों और मोड़ के कारण यह तरल तेजी से हिलता है, जिन लोगों का यह सिस्टम अधिक संवेदनशील होता है, उनका मस्तिष्क इन सिग्नल्स को सही ढंग से प्रोसेस नहीं कर पाता, जिससे चक्कर आने लगते हैं।
  • पेट में गैस और एसिड का प्रभाव: सफर से पहले भारी या तैलीय भोजन करने से पेट में एसिडिटी बढ़ जाती है। वाहन की गति के साथ यह एसिड ऊपर की ओर दबाव बनाता है, जो तुरंत जी मिचलाने का कारण बनता है। 

सफर को सुखद बनाने के ‘रामबाण’ उपाय

अगर आप भी मोशन सिकनेस से बचना चाहते हैं, तो इन तरीकों को अपनाकर अपनी यात्रा को आसान बना सकते हैं:

  • आगे की सीट को प्राथमिकता दें: बस में हमेशा आगे की सीट पर बैठें और कार में ड्राइवर के बगल वाली सीट चुनें। इससे आपकी आंखों और कानों के संकेतों में तालमेल बना रहता है।
  • अदरक और नींबू का कमाल: सफर के दौरान अदरक का एक छोटा टुकड़ा मुंह में रखने या नींबू सूंघने से तुरंत राहत मिलती है। अदरक में मौजूद गुण मतली को रोकने में बेहद असरदार होते हैं।
  • मोबाइल और किताबों से तौबा: चलते वाहन में कभी भी मोबाइल स्क्रीन न देखें और न ही पढ़ाई करें। अपनी नजरें सामने सड़क की ओर रखें।
  • ताजी हवा है जरुरी: कार के शीशे थोड़े नीचे रखें ताकि ताजी हवा का प्रवाह बना रहे। घुटन वाले माहौल में मोशन सिकनेस की संभावना बढ़ जाती है।
  • हल्का भोजन: यात्रा शुरू करने से पहले भारी भोजन से बचें और पर्याप्त पानी पिएं। 

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 सफर में उल्टी आना कोई बड़ी समस्या नहीं है, बस थोड़ी सी सावधानी और शरीर के संकेतों को समझकर आप इस समस्या को मात दे सकते हैं, यदि समस्या फिर भी बनी रहती है, तो सफर से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर दवा लेना उचित रहता है।

Motion Sickness During Travel
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