Pakistan Water Crisis: क्या पाकिस्तान रेगिस्तान में बदल जाएगा? पहाड़ों में भारत के बड़े प्रोजेक्ट पूरे होते ही बदल सकता है हालात

पहलगाम हमले के बाद सिंधु जल संधि स्थगित, J&K में चिनाब पर पावर प्रोजेक्ट्स तेज! दुलहस्ती-2 (260 MW), सलाल गाद साफ, रतले (850 MW) 2026 में चालू, सावलकोट (1856 MW) मंजूर। पाक बौखला रहा—पानी संकट का डर। भारत बोला: अपना हक, बिजली उत्पादन दोगुना!

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Pakistan Water Crisis: क्या पाकिस्तान रेगिस्तान में बदल जाएगा? पहाड़ों में भारत के बड़े प्रोजेक्ट पूरे होते ही बदल सकता है हालात

पहलगाम में आतंकी हमले ने सब कुछ बदल दिया। 1960 की सिंधु जल संधि को भारत ने स्थगित कर दिया, और अब जम्मू-कश्मीर की नदियां बिजली का खजाना बन रही हैं। चिनाब, झेलम जैसी नदियों पर प्रोजेक्ट्स दुगुनी रफ्तार से चल रहे। पाकिस्तान को डर सता रहा पानी कम हो जाएगा, खेती चौपट। लेकिन भारत के लिए ये आत्मनिर्भरता का मौका है। आइए, इन चार बड़े प्रोजेक्ट्स की कहानी सुनें, जो J&K को बिजली का हब बना देंगे।

सिंधु जल संधि का अंत: नई शुरुआत

सोचिए, दशकों तक पाकिस्तान की मर्जी के बिना बांध साफ भी न कर पाते। पहलगाम हमले के बाद संधि स्थगित, डेटा शेयरिंग बंद। अब चिनाब-झेलम पर मनमर्जी। गाद हटाओ, बांध बनाओ, बिजली पैदा करो। पाक बौखला रहा, क्योंकि उसके खेतों को पानी की कमी का डर। भारत कह रहा—अपना पानी, अपना हक। ये कदम J&K की बिजली जरूरतें पूरी करेगा और देश को ऊर्जा सुरक्षित बनाएगा।

दुलहस्ती फेज-2: चेनाब पर 260 MW की ताकत

किश्तवाड़ जिले में चेनाब नदी बहती है, और वहां दुलहस्ती का दूसरा चरण मंजूर। 260 मेगावाट बिजली, लागत 3200 करोड़। ये रन-ऑफ-द-रिवर प्रोजेक्ट है नदी का बहाव बिना रोके बिजली बनाएगा। पर्यावरण को नुकसान कम, फायदा ज्यादा। पहले चरण से सीख लेकर ये तेजी से बनेगा। स्थानीय लोगों को रोजगार, J&K को सस्ती बिजली। पाक को चुभेगा, लेकिन भारत आगे बढ़ेगा।

सलाल डैम: गाद साफ, स्टोरेज दोगुना

रियासी के पास चिनाब पर सलाल डैम पुराना दोस्त है—690 MW क्षमता। लेकिन गाद भरी थी, पानी कम। अब संधि बंधन टूटा, तो गाद हटाने का काम जोर-शोर से। साफ हो जाएगा तो ज्यादा पानी स्टोर, ज्यादा बिजली। NHPC संभाल रहा। पहले पाक की इजाजत मांगनी पड़ती, अब फ्री। ये छोटा कदम बड़ा असर दिखाएगा—J&K की ग्रिड मजबूत।

रतले प्रोजेक्ट: 850 MW का मई 2026 वादा

किश्तवाड़ में ही चेनाब पर रतले—850 MW का दमदार प्रोजेक्ट। NHPC और J&K सरकार का जॉइंट वेंचर, लागत 5281 करोड़। 133 मीटर ऊंचा कंक्रीट ग्रेविटी डैम बनेगा। मई 2026 तक चालू—समय पर। 2021 में मंजूर हुआ, अब रफ्तार पकड़ी। बाढ़ कंट्रोल, बिजली उत्पादन, सिंचाई—सब मिलेगा। स्थानीय अर्थव्यवस्था चमकेगी, युवाओं को नौकरियां। पाक की चिंता बढ़ेगी, भारत की ताकत।

सावलकोट: 1856 MW का पर्यावरण मंजूर जाइंट

रामबन-उधमपुर में चेनाब पर सावलकोट—1856 MW का महाबली। NHPC का प्रोजेक्ट, दो फेज में। हाल ही पर्यावरण क्लियरेंस मिला। J&K की बिजली कमी खत्म, एक्सपोर्ट भी संभव। केंद्र ने जायजा लिया, मंत्री बोले—समय पर पूरा। ये प्रोजेक्ट क्षेत्र को बदल देगा—बेरोजगारी घटी, विकास आया। पाक को लगेगा पानी रोका जा रहा, लेकिन ये हक का इस्तेमाल है।

मंत्री का जायजा: समय पर पूरा होगा सब

केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर हाल ही J&K पहुंचे। प्रोजेक्ट्स का दौरा, निर्देश दिए—व्यवधान हटाओ, स्पीड बढ़ाओ। बोले, ‘सिंधु संधि रुकी, पाक की कोई मदद नहीं। सभी प्रोजेक्ट समय पर चालू।’ NHPC, राज्य सरकार मिलकर काम। बिजली उत्पादन बढ़ेगा, J&K आत्मनिर्भर। ये सिर्फ पावर नहीं, सुरक्षा और विकास की कहानी है।

पाक का डर, भारत का आत्मविश्वास

पाकिस्तान चिल्ला रहा पानी रोकोगे तो जंग। लेकिन भारत साफ ये हमारे नदियां, हमारा पानी। संधि स्थगित होने से प्रोजेक्ट्स तेज, गाद हटेगी, बांध भरेगा। कुल मिलाकर हजारों MW बिजली, J&K उज्ज्वल। आतंकी हमले ने सब सिखाया हक लो, ताकत बनाओ। भविष्य में ये परियोजनाएं देश की शक्ति बनेंगी। क्या पाक रुकेगा? देखते हैं। 

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indsocplantationcrops

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