
भारतीय किसानों को साहूकारों के चंगुल और ऊंचे ब्याज दरों से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार की किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना एक गेम-चेंजर साबित हो रही है, साल 2026 में भी, खेती की लागत को कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकारी बैंकों के माध्यम से बेहद किफायती दरों पर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है, अब किसानों को अपनी खेती की जरुरतों के लिए किसी निजी ऋणदाता के पास जाने की आवश्यकता नहीं है।
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मात्र 4% ब्याज पर मिलेगा लोन: समझें गणित
सरकारी बैंकों से मिलने वाले इस लोन की सबसे बड़ी खूबी इसकी ब्याज दरें हैं। हालांकि बैंकों की सामान्य ब्याज दर 9% के करीब होती है, लेकिन किसानों के लिए इसे बेहद सुलभ बनाया गया है:
- केंद्र सरकार इस लोन पर सीधे 2% की सब्सिडी देती है, जिससे ब्याज दर घटकर 7% रह जाती है।
- यदि किसान लोन की राशि समय पर बैंक को लौटा देता है, तो उसे 3% की अतिरिक्त छूट दी जाती है।
- इस प्रकार, समय पर भुगतान करने वाले किसानों को यह लोन मात्र 4% सालाना ब्याज पर पड़ता है।
₹3 लाख तक की आर्थिक मदद, बिना किसी गारंटी के
योजना के तहत किसान अपनी जोत (जमीन) और फसल के आधार पर ₹3 लाख तक का लोन ले सकते हैं, महत्वपूर्ण बात यह है कि ₹1.60 लाख तक के लोन के लिए किसी भी गारंटी (Collateral) की आवश्यकता नहीं होती है, यह राशि सीधे खाद, बीज, कीटनाशक और खेती से जुड़े अन्य खर्चों के लिए उपयोग की जा सकती है, अब इस योजना का विस्तार पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए भी कर दिया गया है।
आवेदन के लिए जरुरी दस्तावेज
यदि आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आप किसी भी सरकारी बैंक (जैसे SBI, PNB) या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में आवेदन कर सकते हैं, इसके लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- आधार कार्ड और पैन कार्ड (पहचान के लिए)
- खेती के कागजात (खतौनी/जमाबंदी)
- निवास प्रमाण पत्र
- शपथ पत्र (यह प्रमाणित करने के लिए कि किसी अन्य बैंक में डिफॉल्टर नहीं हैं)
कैसे करें आवेदन?
किसान भाई सीधे बैंक शाखा में जाकर फॉर्म भर सकते हैं, इसके अलावा, डिजिटल इंडिया के दौर में PM Kisan पोर्टल या Jan Samarth Portal के जरिए भी ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।
साहूकारों से 24% से 36% के भारी ब्याज पर कर्ज लेना किसान की कमर तोड़ देता है, सरकारी बैंक की इस योजना का लाभ उठाकर किसान न केवल अपनी लागत बचा सकते हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन सकते हैं।

















