
महाराष्ट्र में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाने की प्रक्रिया पिछले कई महीनों से चर्चा में है। सरकार ने इसकी समयसीमा को बार-बार बढ़ाया, लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में वाहन मालिकों ने अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। 31 दिसंबर की आखिरी तारीख निकलने के बाद अब परिवहन विभाग सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है।
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बार-बार मिली मोहलत, फिर भी लोग लापरवाह
पहले यह डेडलाइन 31 मार्च 2025 तय की गई थी, जिसे बाद में 30 जून, फिर 15 अगस्त, फिर 30 नवंबर और अंत में 31 दिसंबर तक बढ़ाया गया। हर बार सरकार ने लोगों को सुविधा दी कि वे अपने वाहनों पर HSRP नंबर प्लेट लगवा लें, लेकिन अब तक हजारों गाड़ियाँ बिना प्लेट सड़क पर दौड़ रही हैं। आरटीओ अधिकारियों का कहना है कि अब किसी नई तारीख की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि जो नहीं मानेंगे, उन पर सीधा एक्शन लिया जाएगा।
नागपुर में 13 लाख गाड़ियाँ अभी भी ‘लेट’
नागपुर जिले की स्थिति सबसे चिंताजनक बताई जा रही है। यहाँ करीब 13 लाख वाहनों में अब तक नई नंबर प्लेट नहीं लगी है। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के निर्देश पर अब ऐसे सभी वाहन मालिकों पर कार्रवाई अभियान चलाया जाएगा। आरटीओ (ग्रामीण) विजय चव्हाण ने कहा है कि फ्लाइंग स्क्वॉड टीम गठित की गई है जो सड़कों पर ऐसे वाहनों की जांच करेगी।
हालांकि, जिन गाड़ी मालिकों ने 31 दिसंबर से पहले अपना स्लॉट बुक कर लिया है या भुगतान कर दिया है, उन्हें फिलहाल किसी तरह की कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। रसीद दिखाने पर ट्रैफिक पुलिस उन्हें जुर्माने से छूट देगी।
फिर बढ़ेगी तारीख या नहीं?
ऐसा कहा जा रहा है कि गाड़ियों की बड़ी संख्या को देखते हुए यह डेडलाइन फिर से बढ़ाई जा सकती है। हालांकि, परिवहन विभाग का कहना है कि बार-बार तारीख बढ़ाने से नियमों की गंभीरता खत्म हो जाती है। इसलिए अब एक्शन के ज़रिए ही व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाएगा।
विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जिन वाहनों में HSRP प्लेट नहीं लगी है, उन पर कई तरह की रोक लग सकती है। जैसे— ऐसा वाहन ट्रांसफर नहीं होगा, लोन क्लियरेंस या रीपेमेंट प्रोसेस अटक सकता है, री-रजिस्ट्रेशन और मॉडिफिकेशन की अनुमति नहीं मिलेगी, साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस के रिन्यूअल में भी दिक्कत आ सकती है।
HSRP क्यों जरूरी है?
HSRP नंबर प्लेट्स चोरी या डुप्लिकेट प्लेट्स की समस्या को खत्म करने के लिए लागू की गई हैं। इन प्लेट्स पर एक लेज़र कोड और यूनिक सीरियल नंबर होता है, जिससे किसी भी गाड़ी की पहचान तुरंत पता लगाई जा सकती है। ये नई प्लेट्स सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन दोनों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही हैं।
कार्रवाई से बचना है तो करें यह काम
जो वाहन मालिक अभी तक रजिस्टर नहीं कर पाए हैं, उनके लिए सरकार ने एक ऑनलाइन प्रोसेस दिया है। वाहन मालिक transport.maharashtra.gov.in पर जाकर HSRP के लिए आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर गाड़ी की डिटेल भरनी होती है, जिसके बाद भुगतान करके टाइम स्लॉट बुक किया जाता है। अगर आवेदन की रसीद दिखा दी जाए, तो फिलहाल कार्रवाई से राहत मिल सकती है।
कितना जुर्माना भरना पड़ सकता है?
अगर कोई गाड़ी HSRP प्लेट के बिना पकड़ी जाती है, तो पहली बार में 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, दोबारा पकड़े जाने पर यह जुर्माना 5,000 से 10,000 रुपये तक बढ़ सकता है। यानी लापरवाही जेब पर भारी पड़ सकती है।
अब समय है नियम मानने का
सरकार ने बार-बार मोहलत दी, लेकिन अब सख्ती के संकेत साफ हैं। 1 अप्रैल 2019 से पहले रजिस्टर्ड सभी वाहनों को यह प्लेट लगवाना अनिवार्य है। देर करने पर न सिर्फ चालान झेलना पड़ेगा बल्कि गाड़ी के जरूरी काम जैसे ट्रांसफर या बीमा प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है। संक्षेप में कहा जाए तो अब HSRP लगवाना विकल्प नहीं, ज़रूरी कदम है। कुछ मिनट निकालकर ऑनलाइन आवेदन करें और एक छोटे से खर्चे में भविष्य की परेशानी से बचें।

















