उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। मेरठ से प्रयागराज तक का सफर जो पहले 12 घंटे का था, अब सिर्फ 6 घंटे में पूरा हो सकेगा। इन 12 जिलों के निवासियों के लिए यह नई जिंदगी की शुरुआत जैसा है।

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एक्सप्रेसवे की पूरी तैयारी
यह 594 किलोमीटर लंबा हाईवे मेरठ के बाइजनोली से शुरू होकर प्रयागराज के जुहापुर दांडू तक फैला है। 6 लेन वाला यह कॉरिडोर भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। ट्रायल रन के बाद जल्द ही गाड़ियां फर्राटा भरेंगी, जिसमें 100-120 किमी प्रतिघंटा की स्पीड संभव होगी।
ये 12 जिले होंगे सबसे फायदेमंद
- मेरठ
- हापुड़
- बुलंदशहर
- अमरोहा
- संभल
- बदायूं
- शाहजहांपुर
- हरदोई
- उन्नाव
- रायबरेली
- प्रतापगढ़
- प्रयागराज
इन जिलों के 500 से ज्यादा गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। किसानों को फसलें तेजी से बाजार पहुंचाने और व्यापारियों को कम लागत में माल ढोने का मौका मिलेगा।
आर्थिक उछाल की उम्मीदें
एक्सप्रेसवे के किनारे बड़े-बड़े इंडस्ट्रियल पार्क, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक हब बनने वाले हैं। इससे लाखों नौकरियां पैदा होंगी। ट्रांसपोर्ट खर्च घटने से छोटे कारोबार फलेंगे-फूलेंगे। प्रयागराज जैसे धार्मिक शहर तक आसान पहुंच से पर्यटन भी जोर पकड़ेगा। ढाबे, होटल और सर्विस सेंटरों की भरमार हो जाएगी।
सुरक्षा और आधुनिक सुविधाएं
हर कुछ किलोमीटर पर सीसीटीवी, इमरजेंसी हेल्पलाइन और पैट्रोलिंग होगी। शाहजहांपुर में 3.5 किमी लंबी एयरस्ट्रिप भी तैयार है, जो आपात स्थिति में विमानों की लैंडिंग के लिए इस्तेमाल होगी। टोल प्लाजा और लाइटिंग सिस्टम से रात का सफर भी सुरक्षित बनेगा।
कब खुलेगा यह गिफ्ट
निर्माण कार्य 94 फीसदी से ज्यादा पूरा हो चुका है। कुछ ही दिनों में ट्रायल रन होगा और नए साल से पहले जनता के लिए खुल सकता है। यह सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की किस्मत बदलने वाला प्रोजेक्ट है। पश्चिमी यूपी से पूर्वी तक विकास की नई लहर दौड़ेगी।

















