आधार कार्ड अब और भी लचीला हो गया है। UIDAI ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है, जिसमें आधार पर पिता, पति या किसी रिश्तेदार का नाम जोड़ना अब पूरी तरह से आपकी मर्जी पर निर्भर करेगा। पहले यह फील्ड अनिवार्य लगता था, लेकिन अब इसे खाली छोड़ सकते हैं। यह बदलाव लोगों को अपनी प्राइवेसी चुनने की आजादी देता है।

Table of Contents
बदलाव की पूरी कहानी
कुछ साल पहले आधार कार्ड पर ‘S/o’, ‘D/o’ या ‘W/o’ जैसे कोड सीधे छपते थे, जो रिश्ते बताते थे। फिर इसे ‘C/o’ यानी ‘केयर ऑफ’ से बदल दिया गया। अब नया नियम कहता है कि यह फील्ड वैकल्पिक है। मतलब, अगर आप चाहें तो रिश्तेदार का नाम ऐड करें, वरना एड्रेस सीधा लिखें। यह अपडेट जून 2025 से लागू हो चुका है। खासकर हेड ऑफ फैमिली (HoF) आधारित बदलावों में ही यह नाम ऑटोमैटिक जुड़ सकता है। बाकी मामलों में कोई मजबूरी नहीं।
बदलाव के पीछे छिपा कारण
UIDAI ने यह कदम धोखाधड़ी रोकने के लिए उठाया है। पहले लोग इस फील्ड का गलत फायदा उठाते थे। जैसे, बैंक खाता खोलते समय या सिम कार्ड लेते समय रिश्ते का झूठा प्रूफ दिखाते। इससे सरकारी योजनाओं और वित्तीय सेवाओं में फ्रॉड बढ़ गया था। अब आधार सिर्फ पहचान का प्रमाण बनेगा, रिश्ते साबित करने का नहीं। प्राइवेसी को मजबूत करने का यह तरीका लोगों को अपनी जानकारी खुद कंट्रोल करने की सुविधा देता है। महिलाओं के लिए खासतौर पर फायदेमंद, क्योंकि अब पति का नाम जोड़ना जरूरी नहीं।
सोशल मीडिया पर फैला भ्रम
सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज ने हंगामा मचा दिया। कई पोस्ट्स में लिखा था कि आधार से पिता-पति का नाम ‘पूरी तरह हटा’ दिया गया। इससे महिलाओं में डर फैला कि सरकारी कामकाज प्रभावित होंगे। असलियत यह है कि नाम हटाया नहीं गया, बल्कि इसे वैकल्पिक बना दिया गया। UIDAI ने साफ कहा है कि कोई नया सख्त नियम नहीं आया, सिर्फ प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित बनाया गया। हमेशा आधिकारिक वेबसाइट चेक करें ताकि अफवाहों से बचें।
अपडेट कैसे करें आसानी से
अगर आपको आधार में बदलाव चाहिए, तो दो तरीके हैं। पहला, ऑनलाइन myAadhaar पोर्टल पर जाएं। लॉगिन करें, HoF चुनें जो आपका पिता या पति हो। रिश्ते का प्रूफ अपलोड करें। HoF को SMS आएगा, वे 30 दिनों में अप्रूव करेंगे। दूसरा, नजदीकी आधार सेंटर पर जाएं। फॉर्म भरें, 50 रुपये फीस दें और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराएं। स्टेटस URN नंबर से ऑनलाइन देखें। पूरा प्रोसेस 7 से 60 दिनों में हो जाता है। दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाणपत्र या राशन कार्ड साथ रखें।
आम लोगों पर क्या असर
यह बदलाव KYC प्रक्रिया को तेज करेगा। बैंक, पासपोर्ट या वोटर आईडी जैसे कामों में अब अलग रिश्ते के प्रमाण लाने पड़ेंगे। लेकिन कुल मिलाकर सुविधा बढ़ेगी। अगर आपका आधार पुराना है, तो जल्दी अपडेट कर लें। प्राइवेसी का ध्यान रखें और जरूरत पड़ने पर ही रिश्तेदार का नाम जोड़ें। UIDAI लगातार आधार को डिजिटल इंडिया का मजबूत स्तंभ बना रहा है। यह बदलाव भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम है, जो सुरक्षा और स्वतंत्रता दोनों देता है।

















