EPF Rules: क्या ₹15,000 से ज्यादा सैलरी वालों के लिए PF जरूरी है? ईपीएफओ ने साफ किया नियम, कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर

सब टेंशन खत्म! ईपीएफओ ने साफ किया, हाई सैलरी कर्मचारियों के लिए PF जरूरी या वैकल्पिक? ये फैसला बदलेगा आपकी जॉब लाइफ!

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प्रॉविडेंट फंड (PF) से जुड़े नियमों को लेकर हमेशा से ही कर्मचारियों में भ्रम रहता है, खासकर जब बात उच्च सैलरी वालों की हो। क्या बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता मिलाकर ₹15,000 से ज्यादा कमाने पर PF में शामिल होना अनिवार्य है? हाल की स्पष्टता से पता चलता है कि ऐसा हर मामले में जरूरी नहीं। यह जानकारी नौकरी शुरू करने वालों और सैलरी बढ़ाने वालों दोनों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

EPF Rules: क्या ₹15,000 से ज्यादा सैलरी वालों के लिए PF जरूरी है? ईपीएफओ ने साफ किया नियम, कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर

PF सदस्यता का आधारभूत नियम

ईपीएफ संगठन के तहत बेसिक पे और डीए का योग ₹15,000 या इससे कम होने पर हर कर्मचारी को PF में जोड़ा जाता है। यह सीमा तय करती है कि अनिवार्य सदस्यता कब लागू होती है। अगर यह रकम इससे ऊपर चली जाती है, तो नई भर्ती वाले व्यक्ति को मजबूरन PF जॉइन नहीं करना पड़ता। पहले से चालू अकाउंट वाले लोगों के लिए यह नियम अलग है।

नई नौकरी में क्या विकल्प?

जिनकी मासिक कमाई ₹15,000 से अधिक है और वे पहली बार नौकरी कर रहे हैं या कभी PF सदस्य नहीं बने, उनके लिए सदस्यता वैकल्पिक रहती है। नियोक्ता और कर्मचारी दोनों की सहमति से ही कटौती शुरू की जा सकती है। इससे हाथ में आने वाली रकम ज्यादा रहती है, लेकिन रिटायरमेंट प्लानिंग पर असर पड़ सकता है। लाखों युवा पेशेवर इसी फायदे का इस्तेमाल कर रहे हैं।

पुराने सदस्यों की स्थिति

एक बार PF में शामिल हो जाने के बाद, सैलरी कितनी भी बढ़ जाए, सदस्यता बरकरार रहती है। नई जॉब में भी पुराना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर ट्रांसफर हो जाता है और कटौती जारी रहती। यह लाइफटाइम कमिटमेंट जैसा है, जो भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। सैलरी बढ़ने पर भी 12% योगदान का फायदा मिलता रहता।

वैकल्पिक योगदान के फायदे

उच्च आय वाले लोग वॉलंटरी प्रॉविडेंट फंड (VPF) चुन सकते हैं, जहां अतिरिक्त रकम जमा की जा सकती है। PF पर मिलने वाला ब्याज टैक्स-फ्री होता है और रिटर्न स्टेबल रहता है। नौकरी जॉइन करने के पहले छह महीनों में आवेदन करें, तो आसानी से शामिल हो सकते हैं। इससे इमरजेंसी फंड और पेंशन दोनों मजबूत होते हैं।

सलाह और सावधानियां

कर्मचारी अपनी फाइनेंशियल गोल्स के हिसाब से फैसला लें। उच्च सैलरी वालों को PF के अलावा म्यूचुअल फंड या NPS पर भी नजर रखनी चाहिए। नियमों की पुष्टि के लिए ईपीएफ पोर्टल चेक करें। यह स्पष्टता कन्फ्यूजन खत्म कर सही प्लानिंग की राह खोलती है। कुल मिलाकर, PF रिटायरमेंट का मजबूत आधार है, लेकिन मजबूरी नहीं।

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indsocplantationcrops

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