
दिल्ली से देहरादून के बीच का सफर अब और भी रफ्तार भरने वाला है, बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (NH-72A) अब पूरी तरह तैयार है, जिससे दोनों शहरों के बीच की दूरी और समय में भारी कमी आएगी, इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन और एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, इस मार्ग के खुलने से उत्तराखंड में पर्यटन और व्यापार को एक नई दिशा मिलेगी।
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यात्रा समय में रिकॉर्ड कमी
अब तक दिल्ली से देहरादून पहुंचने में लगभग 6 से 7 घंटे का समय लगता था, लेकिन इस नए एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह सफर महज 2.5 से 3 घंटे में पूरा किया जा सकेगा, एक्सप्रेसवे के कारण कुल दूरी भी 235 किलोमीटर से घटकर 210 किलोमीटर रह गई है।
वाइल्डलाइफ कॉरिडोर: एशिया का सबसे अनूठा प्रयोग
इस प्रोजेक्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा राजाजी नेशनल पार्क के इको-सेंसिटिव जोन से गुजरने वाला 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड फ्लाईओवर है, इसे वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि जंगल के जानवर बिना किसी बाधा के फ्लाईओवर के नीचे से आ-जा सकें। यह एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर माना जा रहा है।
डाट काली सुरंग और आधुनिक कनेक्टिविटी
सफर को और अधिक सुगम बनाने के लिए देहरादून के पास स्थित डाट काली मंदिर के पास एक अत्याधुनिक 340 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया है, यह सुरंग न केवल समय बचाएगी, बल्कि पहाड़ों में होने वाले ट्रैफिक जाम से भी राहत दिलाएगी।
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आर्थिक और पर्यटन को मिलेगी रफ्तार
इस एक्सप्रेसवे के शुरु होने से ऋषिकेश, हरिद्वार और मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी, विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली के बीच व्यापारिक गतिविधियों के लिए एक ‘लाइफलाइन’ साबित होगा।
यदि आप जल्द ही इस रुट पर यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो सटीक मार्ग और समय के लिए Google Maps की सहायता ले सकते हैं।

















