क्लास-1 में 6 साल से कम उम्र वालों को नहीं मिलेगा दाखिला, शिक्षा विभाग ने लिया फैसला

देश में स्कूली शिक्षा की बुनियादी संरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है, नए शैक्षणिक सत्र 2026 से, अब कक्षा-1 (Grade 1) में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 6 वर्ष होना अनिवार्य कर दिया गया है विभाग के इस फैसले के बाद, 6 साल से कम उम्र के बच्चों को पहली कक्षा में दाखिला नहीं मिल सकेगा

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क्लास-1 में 6 साल से कम उम्र वालों को नहीं मिलेगा दाखिला, शिक्षा विभाग ने लिया फैसला
क्लास-1 में 6 साल से कम उम्र वालों को नहीं मिलेगा दाखिला, शिक्षा विभाग ने लिया फैसला

देश में स्कूली शिक्षा की बुनियादी संरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है, नए शैक्षणिक सत्र 2026 से, अब कक्षा-1 (Grade 1) में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 6 वर्ष होना अनिवार्य कर दिया गया है विभाग के इस फैसले के बाद, 6 साल से कम उम्र के बच्चों को पहली कक्षा में दाखिला नहीं मिल सकेगा। 

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NEP 2020 के तहत लिया गया फैसला

शिक्षा मंत्रालय का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने का हिस्सा है, नई नीति के अनुसार, शुरुआती 5 साल के ‘फाउंडेशन स्टेज’ में 3 साल की प्री-स्कूल शिक्षा (आंगनवाड़ी/नर्सरी) और 2 साल की प्राथमिक शिक्षा (कक्षा 1 और 2) शामिल है। इस ढांचे को सुचारू बनाने के लिए आयु सीमा तय करना आवश्यक माना गया है।

सभी राज्यों को जारी हुए निर्देश

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने प्रवेश नियमों में बदलाव कर इसे राष्ट्रीय मानक के अनुरुप बनाएं, अब तक अलग-अलग राज्यों में कक्षा-1 में प्रवेश की न्यूनतम उम्र कहीं 5 साल थी तो कहीं 6 साल, जिससे देशव्यापी स्तर पर असमानता देखी जा रही थी, अब इस नए नियम से पूरे देश में दाखिले की उम्र में एकरूपता आएगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

विशेषज्ञों और शिक्षा विभाग का मानना है कि:

  •  6 वर्ष की आयु बच्चे के मानसिक और मनोवैज्ञानिक विकास के लिए सबसे उपयुक्त होती है जब वह औपचारिक स्कूली शिक्षा का बोझ उठाने के लिए तैयार होता है।
  • कम उम्र में दाखिला दिलाने से बच्चों पर पढ़ाई का दबाव बढ़ जाता है, जिससे उनकी सीखने की स्वाभाविक प्रक्रिया प्रभावित होती है।

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अभिभावकों के लिए संदेश

इस फैसले के लागू होने के बाद, अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों का दाखिला कराते समय नई आयु सीमा का विशेष ध्यान रखें, केंद्रीय विद्यालयों (KVS) ने पहले ही इस नियम को लागू कर दिया है, जिसकी विस्तृत जानकारी केंद्रीय विद्यालय संगठन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है, अन्य राज्यों के निजी और सरकारी स्कूलों में भी अब इसी मापदंड का पालन किया जाएगा। 

Class 1 Admission Minimum Age of 6 Years is Mandatory
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