
आज कार सिर्फ सफर का जरिया नहीं, बल्कि हर परिवार की लाइफस्टाइल और मेहनत की निशानी बन गई है। कई लोग अपनी गाड़ी को परिवार के सदस्य की तरह संभालते हैं। लेकिन जब किसी दिन पार्किंग में खड़ी कार पर स्क्रैच दिख जाए, तो किसी का भी मूड खराब हो जाना लाजमी है। ऐसे में मन में पहला सवाल यही आता है, क्या इस पर इंश्योरेंस क्लेम मिलेगा?
Table of Contents
क्या पार्किंग में लगे स्क्रैच पर क्लेम मिल सकता है?
अगर आपकी कार पार्किंग में खड़ी थी और किसी बच्चे ने खेलते हुए गलती से स्क्रैच लगा दिया, तो यह आमतौर पर एक्सीडेंटल डैमेज की कैटेगरी में आता है। यानी नुकसान जानबूझकर नहीं बल्कि अनजाने में हुआ है।
क्लेम मिलना इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी कार पर कौन-सी इंश्योरेंस पॉलिसी लागू है।
- अगर आपने थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लिया है, तो इसमें केवल दूसरे वाहनों या तीसरे व्यक्ति को हुए नुकसान का मुआवजा मिलता है। स्क्रैच या आपकी गाड़ी के बॉडी डैमेज के लिए कोई क्लेम नहीं दिया जाता।
- लेकिन अगर आपके पास कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस या बंपर टू बंपर पॉलिसी है, तो आप स्क्रैच के लिए आसानी से क्लेम कर सकते हैं।
इंश्योरेंस कंपनी आमतौर पर इस बात की जांच करती है कि नुकसान अचानक से हुआ है या जानबूझकर किया गया है। बच्चों की उम्र या उनकी गलती साबित करना जरूरी नहीं होता, क्योंकि ऐसे मामले “अनइनटेंशनल डैमेज” में गिने जाते हैं।
कब क्लेम नहीं मिलता?
हर हल्के स्क्रैच पर इंश्योरेंस कंपनी मुआवजा नहीं देती। अगर नुकसान बहुत मामूली है जैसे सिर्फ पेंट पर हल्की सी लाइन या नार्मल वेयर एंड टियर तो कंपनी इसे नियमित उपयोग से हुआ नुकसान मानकर क्लेम खारिज कर सकती है। इसलिए क्लेम तभी करें जब कार के बॉडी पर गहरा नुकसान हुआ हो या रीपेंट की जरूरत हो।
क्लेम करने से पहले क्या करें?
अगर आपकी कार को वास्तविक नुकसान हुआ है, तो कुछ सावधानियां क्लेम प्रक्रिया में मदद कर सकती हैं:
- फोटोग्राफिक सबूत जुटाएं: कार पर लगे स्क्रैच की फोटो अलग-अलग एंगल से लें।
- पार्किंग लोकेशन की फोटो रखें: ताकि यह साबित हो सके कि जब स्क्रैच लगा, उस समय कार खड़ी थी।
- जरूरत पड़ने पर कंप्लेंट दर्ज करें: अगर डैमेज ज्यादा है, तो नजदीकी पुलिस स्टेशन में जनरल डायरी (GD) दर्ज कराना बेहतर रहता है।
- झूठी जानकारी न दें: फर्जी कहानी गढ़ने से आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है और इंश्योरेंस हिस्ट्री पर असर पड़ता है।
नो क्लेम बोनस पर असर समझें
हर साल अगर आप कोई क्लेम नहीं करते, तो इंश्योरेंस कंपनी आपको नो क्लेम बोनस (NCB) देती है, जो अगले साल प्रीमियम में छूट के रूप में उपयोग होता है। लेकिन यदि आप मामूली नुकसान के लिए क्लेम करते हैं, तो अगले साल यह छूट खत्म हो जाती है।
इसलिए हमेशा सोच-समझकर तय करें कि स्क्रैच की मरम्मत का खर्च अपनी जेब से करना ठीक रहेगा या क्लेम करना चाहिए। कई बार छोटे नुकसान के लिए क्लेम करना NCB खोने से ज्यादा नुकसानदायक साबित होता है।
कॉम्प्रिहेंसिव और बंपर टू बंपर पॉलिसी में फर्क
अक्सर लोग सोचते हैं कि सभी इंश्योरेंस समान होते हैं, लेकिन असल में ऐसा नहीं है।
- कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस आपके अपने वाहन और थर्ड पार्टी दोनों के नुकसान को कवर करता है।
- वहीं, बंपर टू बंपर पॉलिसी लगभग हर छोटी-बड़ी खराबी को कवर करती है, चाहे वह स्क्रैच हो, पेंटिंग हो या पार्ट्स रिप्लेसमेंट।
अगर आपकी गाड़ी बिल्कुल नई है, तो बंपर टू बंपर पॉलिसी लेना ज्यादा समझदारी भरा निर्णय होता है।
रिपेयर कॉस्ट बनाम क्लेम का हिसाब
क्लेम करने से पहले अपने रिपेयर कॉस्ट और क्लेम वैल्यू का अंदाजा लगाएं। अगर स्क्रैच की रिपेयरिंग ₹2,000–₹3,000 में हो जाती है और आपका NCB ₹5,000 का है, तो क्लेम करने से आपको उल्टा नुकसान होगा। लेकिन अगर स्क्रैच गहरा है और खर्च ₹10,000 से ज्यादा है, तो इंश्योरेंस क्लेम करना सही रहेगा।

















