ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करते हुए भी कभी-कभी तकनीकी खराबी या मानवीय गलती से गलत चालान कट जाता है। अब दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं, घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से ही शिकायत दर्ज कर इसे रद्द करवा सकते हैं। यह प्रक्रिया सरल और तेज है, बस सही स्टेप्स फॉलो करने पड़ते हैं।

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क्यों कटता है गलत चालान?
ट्रैफिक कैमरों की गड़बड़ी, नंबर प्लेट पढ़ने में चूक या पुरानी जानकारी के कारण अक्सर गलत चालान जारी हो जाते हैं। खासकर हाईवे या शहरों में CCTV सिस्टम से जुड़े ई-चालान में यह समस्या आम है। अगर आपका वाहन उस समय कहीं और था या नियमों का पालन कर रहे थे, तो तुरंत सबूत इकट्ठा करें। इससे न सिर्फ जुर्माना बचता है, बल्कि समय और मेहनत भी।
घर बैठे शिकायत का सबसे आसान तरीका
सबसे पहले आधिकारिक परिवहन विभाग की वेबसाइट पर लॉगिन करें। वहां ऊपर मेन्यू में ‘शिकायत’ या ‘डिस्प्यूट’ का ऑप्शन चुनें। चालान नंबर, वाहन रजिस्ट्रेशन डिटेल्स और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालें। गलती का कारण चुनें, जैसे गलत वाहन या गलत तारीख। मजबूत सबूत अपलोड करें, जैसे वाहन की फोटो, GPS लोकेशन का स्क्रीनशॉट या RC की कॉपी। सबमिट करने पर आपको एक यूनिक ID मिलेगी, जिससे स्टेटस चेक कर सकेंगे। पूरी प्रक्रिया 10-15 मिनट में हो जाती है।
जरूरी सबूत क्या लगेंगे?
शिकायत मजबूत बनाने के लिए ये चीजें तैयार रखें। वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस पेपर और चालान का पूरा डिटेल प्रिंटआउट। अगर संभव हो तो उसी समय की सेल्फी या लोकेशन प्रूफ जोड़ें। ये डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने से अधिकारी जल्दी जांच करते हैं और रद्द करने की संभावना बढ़ जाती है। बिना सबूत के शिकायत खारिज होने का खतरा रहता है।
स्टेटस कैसे ट्रैक करें?
शिकायत सबमिट करने के बाद मिली ID से उसी पोर्टल पर ‘ट्रैक स्टेटस’ ऑप्शन में चेक करें। कैप्चा भरकर अपडेट देखें। आमतौर पर 7 से 15 दिनों में फैसला आ जाता है। SMS या ईमेल अलर्ट भी मिलते हैं। अगर रद्द हो गया तो जुर्माना ऑटोमैटिक रिफंड हो जाता है। अस्वीकार होने पर वजह बताई जाती है, तब दोबारा अपील कर सकते हैं।
अन्य रास्ते अगर ऑनलाइन न चले
कभी-कभी तकनीकी समस्या हो तो लोकल ट्रैफिक पुलिस स्टेशन में लिखित आवेदन दें। हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर मौखिक शिकायत भी दर्ज कराएं। लोक अदालत या वर्चुअल कोर्ट में केस पहुंचने पर वहां अपील करें। लेकिन ऑनलाइन तरीका सबसे तेज और पेपरलेस है। कोर्ट का रास्ता लंबा खींच सकता है।
महत्वपूर्ण टिप्स और सावधानियां
शिकायत चालान मिलने के 30-60 दिनों के अंदर जरूर करें, वरना लेट फीस लग सकती है या लाइसेंस सस्पेंड हो सकता है। हमेशा सही और साफ सबूत दें। एक से ज्यादा चालान हों तो अलग-अलग शिकायत करें। सफल शिकायत से न सिर्फ पैसा बचता है, बल्कि सिस्टम में सुधार भी आता है। अब ट्रैफिक नियमों से डरें नहीं, सतर्क रहें और स्मार्ट तरीके से डील करें। यह सुविधा पूरे देश में उपलब्ध है, हर राज्य के लिए एक ही पोर्टल काम करता है।

















