
राशन कार्ड प्रणाली में पारदर्शिता लाने और वास्तविक गरीबों तक लाभ पहुँचाने के लिए सरकार ने 2026 में नियमों को और अधिक सख्त कर दिया है, नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, अपात्र होने के बावजूद बीपीएल (BPL) कार्ड का लाभ उठा रहे करोड़ों लोगों के कार्ड रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए सरकार ने ‘फॅमिली आईडी’ आधारित एक आधुनिक ऑटोमैटिक सिस्टम लागू किया है।
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डेटा मिलान से पकड़ी जाएगी धांधली
नए सिस्टम के तहत अब लाभार्थियों को आवेदन करने या सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत कम होगी। सरकार अब परिवार पहचान पत्र (Family ID) के जरिए सीधे डेटा का मिलान कर रही है। यदि किसी परिवार का बिजली बिल, बैंक ट्रांजेक्शन या संपत्ति का रिकॉर्ड निर्धारित आय सीमा से अधिक पाया जाता है, तो उनका नाम लाभार्थी सूची से स्वचालित रूप से (Automatically) हटा दिया जाएगा।
इन लोगों के रद्द होंगे कार्ड (पात्रता के नए मानक)
सरकार ने स्पष्ट किया है कि निम्नलिखित श्रेणियों में आने वाले लोग बीपीएल कार्ड के हकदार नहीं होंगे:
- जिन परिवारों की वार्षिक आय ₹1.80 लाख (राज्य अनुसार भिन्न) से अधिक है।
- परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में होने पर कार्ड रद्द होगा।
- यदि परिवार का कोई भी सदस्य इनकम टैक्स भरता है।
- शहरी क्षेत्र में 100 गज से बड़ा मकान या ग्रामीण क्षेत्र में 5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि।
- घर में चार पहिया वाहन (कार/जीप आदि) होने पर अपात्र माना जाएगा।
अवैध लाभ लेने वालों से होगी वसूली
प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि जो लोग तथ्य छिपाकर राशन ले रहे हैं, उनके विरुद्ध न केवल कानूनी कार्रवाई होगी, बल्कि उनसे अब तक लिए गए राशन की बाजार दर पर वसूली भी की जाएगी।
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क्या करें अगर आपका कार्ड कट गया है?
यदि आप पात्र हैं और आपका कार्ड गलती से कट गया है, तो आप इन चरणों का पालन कर सकते हैं:
- कारण जानें: अपने राज्य के NFSA पोर्टल पर जाकर राशन कार्ड कटने का मुख्य कारण देखें।
- शिकायत दर्ज करें: यदि आय गलत दर्ज है, तो नजदीकी CSC सेंटर के माध्यम से सुधार के लिए आवेदन करें।
- पोर्टल का उपयोग: लाभार्थी अपनी स्थिति की जांच के लिए PDS पोर्टल का भी उपयोग कर सकते हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि डिजिटल डेटा के माध्यम से भ्रष्टाचार को समाप्त किया जाए और केवल उन्हीं परिवारों को राशन मिले जो वास्तव में आर्थिक रुप से कमजोर हैं।

















