
विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की आराधना का महापर्व ‘बसंत पंचमी’ हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है, साल 2026 में इस पर्व की तारीख को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति बन रही है, लेकिन ज्योतिषीय गणना और पंचांग के अनुसार इसकी सटीक तारीख और शुभ मुहूर्त स्पष्ट हो चुका है।
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23 जनवरी को मनाई जाएगी बसंत पंचमी
पंचांग के अनुसार, साल 2026 में बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी, शास्त्रों का नियम है कि जिस दिन पंचमी तिथि सूर्योदय के बाद और पूर्वाह्न (दोपहर से पहले का समय) काल में विद्यमान हो, उसी दिन यह पर्व मनाना श्रेष्ठ होता है।
शुभ मुहूर्त और तिथि का समय
ज्योतिषियों के अनुसार, पंचमी तिथि का विवरण इस प्रकार है:
- पंचमी तिथि प्रारंभ: 22 जनवरी 2026 को रात 08:35 बजे से।
- पंचमी तिथि समाप्त: 23 जनवरी 2026 को रात 08:42 बजे तक।
- पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त: 23 जनवरी की सुबह 07:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक।
- कुल अवधि: 05 घंटे 20 मिनट।
23 जनवरी ही क्यों है सही तारीख?
यद्यपि तिथि 22 जनवरी की रात से ही शुरू हो जाएगी, लेकिन उदय तिथि और पूर्वाह्न व्यापिनी तिथि के सिद्धांत के कारण 23 जनवरी को ही उत्सव मनाना शास्त्रसम्मत है। 23 जनवरी को पूरे दिन पंचमी तिथि रहेगी, जो सरस्वती पूजा, विद्यारंभ संस्कार और पीले वस्त्र धारण करने के लिए अत्यंत शुभ है।
बसंत पंचमी का महत्व
मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मांड के रचयिता ब्रह्मा जी के मुख से ज्ञान की देवी मां सरस्वती प्रकट हुई थीं। इस दिन को ‘अबूझ मुहूर्त’ भी माना जाता है, जिसमें बिना कोई मुहूर्त देखे मुंडन, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।
आप अपनी पूजा की सटीक तैयारी के लिए Drik Panchang के माध्यम से स्थानीय सूर्योदय के अनुसार समय की जांच कर सकते हैं।

















