Minimum Balance Rule Change: SBI–PNB–HDFC में बदलने वाले हैं नियम, जानें नई मिनिमम बैलेंस लिमिट

सभी बैंकों की नई मिनिमम बैलेंस पॉलिसी लागू — कहीं राहत, कहीं पेनल्टी! जानें कौन-सा बैंक किसे दे रहा फायदा और किसे रखनी होगी सावधानी

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भारत के प्रमुख बैंक SBI, PNB और HDFC बैंक ने अपनी नई मिनिमम बैलेंस नीति लागू की है। इन बदलावों का असर ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक के लाखों खाताधारकों पर पड़ेगा। कुछ बैंकों ने ग्राहकों को पूरी तरह राहत दी है, जबकि कुछ में अब भी न्यूनतम बैलेंस रखने की शर्त जारी है। आइए जानते हैं किस बैंक ने क्या नया नियम लागू किया है।

Minimum Balance Rule Change: SBI–PNB–HDFC में बदलने वाले हैं नियम, जानें नई मिनिमम बैलेंस लिमिट

SBI की नई नीति

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने ग्राहकों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए सभी सेविंग्स अकाउंट्स पर जीरो मिनिमम बैलेंस की सुविधा लागू कर दी है। अब चाहे खाते में पैसा हो या न हो, किसी प्रकार का जुर्माना नहीं लगेगा। इस बदलाव से उन लोगों को खास राहत मिलेगी जिनकी मासिक आय सीमित है या जो गांवों और छोटे कस्बों में रहते हैं। यह सुविधा ग्राहकों को बिना किसी दबाव के बैंकिंग जारी रखने की आज़ादी देती है।

PNB में बदलाव

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने भी अपने खाताधारकों के लिए 1 जुलाई 2025 से जीरो बैलेंस नीति शुरू कर दी है। अब सेविंग्स अकाउंट्स को किसी न्यूनतम राशि की जरूरत नहीं है और ग्राहक बिना बैलेंस भी खाता सक्रिय रख सकते हैं। हालांकि, जो ग्राहक पहले से मिनिमम बैलेंस न रखने के कारण पेनल्टी के बकाया में हैं, उन्हें पुरानी राशि चुकानी होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में इस कदम से ग्राहकों को काफी राहत मिली है, क्योंकि अब उन्हें बैलेंस की चिंता किए बिना बैंक सुविधाएं मिल सकेंगी।

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HDFC बैंक में अब भी लागू रहेगा टियर सिस्टम

HDFC बैंक ने अपने मिनिमम बैलेंस के नियमों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। इसके तहत:

  • मेट्रो या शहरी शाखाओं के खातों में ₹10,000 का मासिक औसत बैलेंस रखना आवश्यक है।
  • सेमी-अर्बन शाखाओं के लिए ₹5,000 का मासिक औसत बैलेंस अनिवार्य है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राहकों को ₹2,500 का तिमाही औसत बैलेंस बनाए रखना होगा।

अगर इन सीमाओं से बैलेंस कम होता है, तो बैंक 6% शॉर्टफॉल या अधिकतम ₹600 तक की पेनल्टी लगा सकता है। हालांकि, HDFC के ग्राहकों को फिक्स्ड डिपॉजिट लिंकिंग (FD) जैसी सुविधा का विकल्प मिलता है, जिससे वे सेविंग्स अकाउंट पर दंड से बच सकते हैं।

तीनों बैंकों की नीति एक नजर में

बैंकमेट्रो/अर्बनसेमी-अर्बनग्रामीणपेनल्टी
SBIजीरोजीरोजीरोकोई नहीं
PNBजीरोजीरोजीरोकोई नहीं (नई नीति)
HDFC₹10,000 मासिक₹5,000 मासिक₹2,500 तिमाही6% शॉर्टफॉल या ₹600 तक

किन खातों पर पहले से लागू है जीरो बैलेंस सुविधा

बैंकों की यह पॉलिसी उन खातों पर पहले से लागू है जो सैलरी अकाउंट, जन धन योजना अकाउंट, स्टूडेंट अकाउंट, पेंशन अकाउंट या BSBD अकाउंट की श्रेणी में आते हैं। इन खातों में ग्राहकों को किसी भी तरह का न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की जरूरत नहीं होती। ग्राहक अपनी शाखा, बैंक ऐप या वेबसाइट से यह जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

पेनल्टी से बचने के आसान उपाय

अपने अकाउंट बैलेंस पर नजर रखने के लिए मोबाइल बैंकिंग ऐप में नोटिफिकेशन या एसएमएस अलर्ट एक्टिव करें।
अगर खातों में नियमित रूप से आय नहीं होती, तो ऑटो-स्वीप या एफडी लिंक सुविधा का उपयोग करें।
कम उपयोग वाले खातों को जीरो बैलेंस अकाउंट में बदलवा लें ताकि भविष्य में किसी प्रकार का चार्ज न लगे।

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