
यह खबर श्रमिक परिवारों और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए एक बड़ी राहत और उम्मीद की किरण लेकर आई है। फतेहपुर सीकरी के कोरई में स्थित अटल आवासीय विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह विद्यालय प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराना है।
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श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए सुनहरा अवसर
अटल आवासीय विद्यालय की स्थापना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस सोच का परिणाम है, जिसके तहत श्रमिक परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और अनुशासित जीवनशैली प्रदान की जा सके। उप श्रमायुक्त आगरा, सियाराम ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया अब शुरू हो गई है और पात्र विद्यार्थी 31 जनवरी 2026 तक upbocw.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के बाद अभ्यर्थी निर्धारित तिथि पर प्रवेश पत्र डाउनलोड कर परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
यह विद्यालय न केवल शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि छात्रों को पूर्णतः आवासीय सुविधा भी देता है – जिसमें निशुल्क भोजन, यूनिफार्म, पुस्तकें और अन्य शैक्षणिक संसाधन शामिल हैं। उद्देश्य यही है कि पढ़ाई के दौरान बच्चों को किसी भी आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
कक्षा 6वीं और 9वीं के लिए आवेदन आमंत्रित
शैक्षणिक सत्र 2026–27 में दो कक्षाओं में प्रवेश की व्यवस्था की गई है।
- कक्षा 6 के लिए कुल 160 सीटें निर्धारित की गई हैं — जिनमें 80 सीटें बालकों और 80 सीटें बालिकाओं के लिए हैं।
- कक्षा 9 में 67 सीटें उपलब्ध हैं — जिनमें 34 बालकों और 33 बालिकाओं को प्रवेश मिलेगा।
प्रवेश पूरी तरह लिखित परीक्षा के आधार पर होगा, जो कि पूरी तरह पारदर्शी और मानकों के अनुरूप आयोजित की जाएगी। परीक्षा 22 फरवरी 2026 (रविवार) को दो पाली में होगी – पहली पाली 11 बजे से कक्षा छह के लिए और दूसरी पाली 1 बजे से कक्षा नौ के लिए।
परीक्षा का पैटर्न और विषय
प्रवेश परीक्षा को इस तरह से तैयार किया गया है कि यह छात्रों की बौद्धिक क्षमता और विषयगत समझ का सही मूल्यांकन कर सके।
- कक्षा 6वीं के लिए प्रश्नपत्र में मानसिक क्षमता परीक्षण, अंकगणित और भाषा कौशल से संबंधित प्रश्न होंगे।
- कक्षा 9वीं के लिए परीक्षा हिंदी, अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषयों पर आधारित होगी।
अभ्यर्थियों की योग्यता का आंकलन केवल उनके ज्ञान पर नहीं, बल्कि उनकी तर्क क्षमता, सोचने की शक्ति और विषयों के प्रति समझ पर किया जाएगा। परीक्षा पारदर्शी रखी जाएगी ताकि हर deserving छात्र को समान अवसर मिल सके।
किन जिलों के विद्यार्थी कर सकते हैं आवेदन
यह प्रवेश प्रक्रिया उन अभ्यर्थियों के लिए है जो आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा और मैनपुरी जिले से संबंधित हैं। केवल ऐसे विद्यार्थी ही पात्र हैं जिनके माता-पिता निर्माण श्रमिक के रूप में श्रम विभाग में पंजीकृत हैं।
इसके अलावा कोविड-19 संक्रमण के दौरान अनाथ हुए बच्चे, जो महिला एवं बाल कल्याण विभाग में पंजीकृत हों या मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के तहत पात्र हों, वे भी आवेदन कर सकते हैं। सभी अभ्यर्थियों को जन्मतिथि, आय, निवास और अन्य आवश्यक पात्रता शर्तों का भी पालन करना होगा।
निशुल्क शिक्षा और आवासीय सुविधाएं
अटल आवासीय विद्यालय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पढ़ने वाले छात्रों को निशुल्क शिक्षा के साथ-साथ आवास और भोजन की सुविधा भी दी जाती है। इसके अलावा उन्हें यूनिफॉर्म, पुस्तकें, स्टेशनरी और अन्य आवश्यक सामग्री भी किसी शुल्क के बिना उपलब्ध कराई जाती है।
सरकार का लक्ष्य है कि श्रमिक वर्ग के बच्चों को ऐसा वातावरण दिया जाए, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने सपनों को साकार करने का अवसर पा सकें। यहां पढ़ने वाले बच्चे न केवल शिक्षा में उत्कृष्टता हासिल कर रहे हैं, बल्कि अनुशासन, स्वावलंबन और आत्मविश्वास की दृष्टि से भी मजबूत हो रहे हैं।
शिक्षा में समानता की दिशा में बड़ा कदम
यह योजना केवल एक विद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में ऐसे अटल आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इससे मजदूर परिवारों के बच्चों को अब अच्छे स्कूलों तक पहुंचने के लिए न अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है, न ही किसी तरह का भेदभाव झेलना पड़ता है।
यह प्रयास सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें शिक्षा को समान अवसर का माध्यम माना गया है। अटल आवासीय विद्यालय उन बच्चों के लिए उम्मीद की नई राह खोल रहे हैं, जिन्हें पहले गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सपना भी दूर लगता था।

















