
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने वाहन चालकों के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है, अब, अगर आपके वाहन का मोटर इंश्योरेंस (Motor Insurance) समाप्त हो गया है, तो न सिर्फ भारी जुर्माना भरना पड़ेगा, बल्कि परिवहन विभाग आपके ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) को सीधे ब्लैकलिस्ट कर देगा, सरकार ने यह कदम सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और मोटर वाहन अधिनियम का सख्ती से पालन करवाने के लिए उठाया है।
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क्या है नया और बड़ा बदलाव?
अब तक बिना बीमा के गाड़ी चलाने पर केवल जुर्माना लगाया जाता था, लेकिन नए सिस्टम के तहत प्रक्रिया को स्वचालित (Automated) कर दिया गया है।
- स्वचालित पहचान (Automated Detection): परिवहन विभाग ‘ई-डिटेक्शन’ (e-detection) पोर्टल का उपयोग कर रहा है। यह पोर्टल बीमा कंपनियों के डेटाबेस से जुड़ा हुआ है।
- रियल-टाइम ट्रैकिंग: जैसे ही किसी वाहन के बीमा की वैधता समाप्त होती है, पोर्टल तुरंत उस वाहन की जानकारी परिवहन विभाग के डेटाबेस में भेज देता है।
- DL और RC ब्लैकलिस्ट: डेटा प्राप्त होते ही, संबंधित वाहन मालिक का ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सरकारी रिकॉर्ड में ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है, जिससे मालिक परिवहन विभाग की किसी भी सेवा का लाभ नहीं उठा पाता।
ब्लैकलिस्ट होने के परिणाम
लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट ब्लैकलिस्ट होने का मतलब है कि आप वाहन से जुड़ी कोई भी ऑनलाइन या ऑफलाइन सेवा इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसमें शामिल हैं:
- ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण (Renewal)
- वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट
- वाहन का मालिकाना हक ट्रांसफर (Ownership Transfer)
- परमिट से जुड़ी सेवाएं
जब तक वाहन मालिक नया और वैध बीमा नहीं खरीदता और उसे सिस्टम में अपडेट नहीं करता, तब तक ब्लैकलिस्ट की स्थिति बनी रहेगी।
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जुर्माने के कड़े प्रावधान
मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत बिना बीमा के वाहन चलाना एक गंभीर अपराध है, इसके लिए जुर्माने की राशि भी बढ़ा दी गई है:
- पहली बार पकड़े जाने पर: ₹2,000 का जुर्माना या 3 महीने तक की जेल, या दोनों।
- दूसरी बार पकड़े जाने पर: ₹4,000 का जुर्माना।
कैसे बचें इस कार्रवाई से?
वाहन चालकों के लिए एकमात्र उपाय यह है कि वे अपने वाहन के बीमा की समय सीमा खत्म होने से पहले ही उसे रिन्यू करवा लें आप परिवहन सेवा पोर्टल (Parivahan Sewa Portal) या ‘mParivahan’ ऐप पर अपने वाहन नंबर (RC No.) के जरिए बीमा की वैधता आसानी से चेक कर सकते हैं।
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सरकार का यह सख्त कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि सड़क पर चलने वाले सभी वाहन वैध बीमा के दायरे में हों, ताकि दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित पक्ष को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

















