
बिहार के किसानों के लिए इस वक्त सबसे अहम काम फार्मर रजिस्ट्री कराना है। राज्य सरकार ने इस प्रक्रिया को मिशन मोड में पूरा करने का निर्णय लिया है। सरकार ने 6 जनवरी से 9 जनवरी तक पूरे राज्य में विशेष अभियान चलाने का एलान किया है। इन चार दिनों के दौरान सभी जिलों में कैंप लगाए जाएंगे, जहां कृषि विभाग के अधिकारी, राजस्व कर्मी और भूमि सुधार विभाग के कर्मचारी संयुक्त रूप से काम करेंगे। किसानों से अपील की गई है कि वे इस मौके का फायदा उठाएं और अपनी Farmer ID जल्द से जल्द बनवाएं।
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क्यों जरूरी है फार्मर रजिस्ट्री
फार्मर रजिस्ट्री का उद्देश्य राज्य के हर किसान को एक डिजिटल पहचान देना है। इसमें किसान का नाम, भूमि की जानकारी, फसल का प्रकार, मोबाइल नंबर और अन्य मूलभूत विवरण शामिल होते हैं। इस रजिस्ट्री के जरिए किसान को अब हर बार किसी नई योजना के लिए अलग आवेदन नहीं भरना पड़ेगा।
सरकार किसानों के लिए एक ऐसा प्लेटफार्म बना रही है, जिससे हर योजना का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से किसानों के खाते में पहुंच सके। यह व्यवस्था डिजिटल इंडिया और एग्री स्टैक प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जो देशभर में कृषि क्षेत्र की पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है।
कहां और कैसे करें रजिस्ट्रेशन
किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), ग्राम पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से रजिस्ट्री करा सकते हैं। इसके अलावा, जो किसान गाँव स्तर पर कार्यरत कृषि समन्वयक या हल्का कर्मचारी से जुड़े हैं, वे उनसे मदद लेकर भी फॉर्म भर सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी किसानों को फार्मर रजिस्ट्री में अपना नाम दर्ज कराना अनिवार्य है, ताकि उन्हें पीएम किसान योजना की अगली किस्त में कोई दिक्कत न हो।
जरूरी दस्तावेज क्या हैं
रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी करने के लिए किसानों को सिर्फ कुछ बुनियादी दस्तावेजों की जरूरत होगी:
- आधार कार्ड – पहचान सत्यापन के लिए।
- मोबाइल नंबर – OTP और भविष्य की सूचनाओं के लिए।
- भूमि से संबंधित दस्तावेज – जैसे कि अपने नाम की ऑनलाइन जमाबंदी या खतियान।
इन दस्तावेज़ों की मदद से अधिकारी किसान की जमीन और पहचान की डिजिटल जांच करेंगे, जिससे भविष्य में किसी भी योजना का लाभ आसान हो जाएगा।
किन योजनाओं से मिलेगा सीधा फायदा
फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ने के बाद किसानों को कई प्रमुख योजनाओं का लाभ स्वतः मिल सकेगा।
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) की अगली किस्त सीधे खाते में पहुंचेगी।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत क्लेम प्राप्त करने में आसानी होगी।
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत फसल बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- कृषि ऋण (Agri Loan) और आपदा राहत राशि जैसी सहायता योजनाएँ भी इससे जुड़ जाएँगी।
क्या है “Agristack”
एग्रीस्टैक (AgriStack) केंद्र सरकार की वह महत्वाकांक्षी परियोजना है जिसके तहत पूरे देश के किसानों का एकीकृत डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। इस प्लेटफार्म में हर किसान की डिजिटल प्रोफाइल होगी, जिसमें उसकी जमीन, फसल चक्र, उत्पादन और स्थान संबंधी जानकारी दर्ज होगी। बिहार में एग्रीस्टैक के तहत फार्मर रजिस्ट्री को सशक्त बनाया जा रहा है ताकि किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
अब तक की प्रगति
अब तक बिहार में लगभग 31% किसानों का e-KYC पूरा हो चुका है, जबकि जमाबंदी बकेट क्लेम केवल 4.8% तक ही पहुँचा है। इसी कारण सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। दैनिक मॉनिटरिंग, तकनीकी सहायता और जिला स्तर पर समीक्षा के जरिये सरकार का लक्ष्य है कि सभी पात्र किसानों को फार्मर आईडी देकर डिजिटल रूप से योजनाओं से जोड़ा जाए।
किसानों के लिए सीधा संदेश
कृषि विभाग ने सभी किसानों से अपील की है कि वे इस विशेष अभियान का फायदा जरूर उठाएँ। फार्मर रजिस्ट्री केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि आपके लिए सरकारी योजनाओं की डिजिटल चाबी है। जिन किसानों ने अभी तक रजिस्ट्री नहीं कराई है, वे नजदीकी केंद्र पर जाकर पंजीकरण करा लें ताकि आने वाली पीएम किसान किस्त और अन्य योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के समय पर मिल सके।

















