
भारतीय सेना में सेवा देना हर युवा का सपना होता है और अग्निवीर योजना ने लाखों युवाओं को यह मौका दिया। लेकिन अब सेना की ओर से आया एक नया नियम युवाओं के जीवन में बड़ा असर डालने वाला साबित हो सकता है। यह नियम सीधे तौर पर अग्निवीरों की शादी से जुड़ा है और इसे जानना हर उम्मीदवार के लिए जरूरी है जो स्थायी सैनिक (Permanent Soldier) बनने का सपना देख रहे हैं।
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सेना का नया नियम
भारतीय सेना ने यह साफ कर दिया है कि जो अग्निवीर स्थायी सैनिक बनना चाहते हैं, वह नियुक्ति मिलने से पहले विवाह नहीं कर सकते। अगर कोई अग्निवीर इस चयन प्रक्रिया के दौरान शादी कर लेता है, तो उसे परमानेंट सैनिक बनने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। ऐसे उम्मीदवार न तो आगे आवेदन कर पाएंगे और न ही किसी भी चयन चरण में भाग ले सकेंगे।
इसका अर्थ यह हुआ कि सेना ने स्पष्ट सीमा तय कर दी है – पहले ड्यूटी और फिर जिम्मेदारी (शादी)। यह नियम सभी सर्विंग अग्निवीरों पर समान रूप से लागू होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह नियम अनुशासन, एकाग्रता और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया बनाए रखने के लिए जरूरी था। स्थायीकरण की प्रक्रिया (Permanent induction process) बेहद सख्त और प्रतिस्पर्धात्मक होती है। इस दौरान उम्मीदवारों को शारीरिक परीक्षा, लिखित परीक्षा और मूल्यांकन के कई चरणों से गुजरना होता है।
सेना का मानना है कि शादी जैसी निजी जिम्मेदारी उम्मीदवार के ध्यान और फोकस को भटका सकती है। इसलिए सेना चाहती है कि अग्निवीर पहले अपनी चार साल की सेवा पूरी करें और फिर सभी मूल्यांकन सफलतापूर्वक पार करने के बाद ही स्थायी सैनिक के रूप में जीवन आगे बढ़ाएं।
शादी कब कर सकते हैं अग्निवीर?
सेना की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अग्निवीर सिर्फ स्थायी सैनिक के रूप में चयनित होने के बाद ही विवाह कर सकते हैं।
मतलब, जैसे ही चयन की अंतिम सूची जारी हो जाए और नियुक्ति का पत्र मिल जाए, उसके बाद अग्निवीर पर यह नियम लागू नहीं रहेगा।
इसमें ज्यादा लंबा इंतजार नहीं है। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद लगभग 4 से 6 महीने में स्थायीकरण प्रक्रिया पूरी होती है। यानी अग्निवीरों को कुल मिलाकर लगभग साढ़े चार साल का समय अविवाहित रहना होगा।
अग्निवीर योजना की शुरुआत और पहला बैच
अग्निवीर योजना की शुरुआत साल 2022 में हुई थी। इस योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच ने चार साल की सेवा लगभग पूरी कर ली है। जून-जुलाई 2026 के आसपास 2022 बैच के अग्निवीरों की सेवा समाप्त होगी, और यह वही समूह होगा जो सबसे पहले स्थायीकरण प्रक्रिया से गुजरेगा।
पहले बैच में लगभग 20,000 अग्निवीर शामिल थे, जिनमें से करीब 25 प्रतिशत युवाओं को ही स्थायी सैनिक बनने का अवसर मिलेगा। इनके चयन की प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट और प्रदर्शन पर आधारित है।
अगर शादी कर ली तो क्या होगा?
सेना के नियम के मुताबिक, अगर कोई अग्निवीर इस चयन अवधि के दौरान विवाह कर लेता है, तो उसका आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। यहां तक कि यदि वह शारीरिक और लिखित परीक्षा दोनों में सफल भी हो, तब भी उसे योग्य नहीं माना जाएगा।
सेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे उम्मीदवार किसी भी हालत में फिर से स्थायीकरण की प्रक्रिया में भाग नहीं ले पाएंगे। अर्थात, अगर सपना है “स्थायी सैनिक बनने का,” तो शादी कुछ महीनों के लिए टालनी ही होगी।
स्थायी बनने के बाद मिलेगी पूरी छूट
अच्छी खबर ये है कि एक बार जब अग्निवीर को भारतीय सेना में स्थायी नियुक्ति मिल जाती है, तो उस पर शादी को लेकर कोई प्रतिबंध लागू नहीं रहेगा। वो अपनी सुविधा, परिवार की इच्छा या व्यक्तिगत जीवन योजना के अनुसार कभी भी विवाह कर सकता है।

















