
राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर सफर करने वाले करोड़ों वाहन चालकों के लिए टोल शुल्क (Toll Fee) रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। अधिकतर मामलों में यूजर फीस देना अनिवार्य होता है, लेकिन बहुत से लोग अब भी यह नहीं जानते कि कुछ खास श्रेणियों के लोगों और वाहनों को टोल टैक्स (Toll Tax) से पूरी तरह छूट दी गई है। वहीं, कुछ यात्रियों को तय नियमों के तहत टोल में रियायत (Discount) या मासिक पास की सुविधा भी मिलती है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल से जुड़े इन नियमों को एक बार फिर स्पष्ट किया है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल।
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किन नियमों के तहत मिलती है टोल छूट
एनएचएआई के अनुसार, टोल से जुड़ी सभी छूट और रियायतें राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण और संग्रह) नियम, 2008 के अंतर्गत दी जाती हैं।
- नियम 11 (Rule 11) के तहत कुछ विशेष व्यक्तियों और वाहनों को टोल शुल्क से पूरी छूट मिलती है।
- वहीं नियम 9 (Rule 9) के अंतर्गत स्थानीय निवासियों और कुछ अन्य श्रेणियों के लिए रियायती पास (Concessional Pass) का प्रावधान है।
किन लोगों को टोल शुल्क से पूरी छूट है
नियमों के मुताबिक, नीचे दी गई श्रेणियों को राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल शुल्क नहीं देना होता:
संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति और जनप्रतिनिधि
- भारत के राष्ट्रपति
- उपराष्ट्रपति
- प्रधानमंत्री
- राज्यपाल
- भारत के मुख्य न्यायाधीश
- लोकसभा अध्यक्ष
- केंद्रीय कैबिनेट मंत्री
- राज्यों के मुख्यमंत्री
- सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश
- केंद्रीय राज्य मंत्री
- केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल
- राज्य विधानसभाओं के अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति
- उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश
- सांसद
- विधायक और विधान परिषद सदस्य (अपने-अपने राज्य में, वैध पहचान पत्र के साथ)
वरिष्ठ सरकारी और रक्षा अधिकारी
- सेना प्रमुख (पूर्ण जनरल रैंक या समकक्ष)
- आर्मी कमांडर और उप-सेना प्रमुख सहित समकक्ष रैंक
- राज्य के मुख्य सचिव (उसी राज्य में)
- भारत सरकार के सचिव
- लोकसभा और राज्यसभा के सचिव
रक्षा, आपात और विशेष श्रेणियां
- राजकीय यात्रा पर आए विदेशी अतिथि
- परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र से सम्मानित व्यक्ति (प्रमाणित फोटो आईडी के साथ)
- रक्षा मंत्रालय के वे वाहन जिन्हें कानून के तहत छूट प्राप्त है
- केंद्रीय और राज्य सशस्त्र बल, अर्द्धसैनिक बल और पुलिस (वर्दी में)
- कार्यपालक मजिस्ट्रेट
- फायर ब्रिगेड और अग्निशमन सेवा के वाहन
जनसेवा से जुड़े वाहन
- एनएचएआई या अन्य सरकारी एजेंसियों के वाहन, जो हाईवे के निरीक्षण, सर्वे, निर्माण, संचालन या रखरखाव में लगे हों
- एंबुलेंस
- शव वाहन
- दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहन
किन लोगों को टोल में रियायत (Discount) मिलती है
टोल शुल्क में पूरी छूट के अलावा कुछ यात्रियों को रियायत दी जाती है, बशर्ते वे तय शर्तों को पूरा करते हों।
स्थानीय निवासियों के लिए मासिक पास
- निजी (गैर-व्यावसायिक) वाहन मालिक
- टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में निवास
- रोजमर्रा के आवागमन के लिए उसी मार्ग का उपयोग
- यात्रा अगले टोल प्लाजा से आगे नहीं जानी चाहिए
- मासिक शुल्क 150 रुपये (आधार दर, जिसे समय-समय पर संशोधित किया जाता है)
- यदि सर्विस रोड या वैकल्पिक मार्ग मौजूद हो, तो यह पास जारी नहीं किया जाता
जिला स्तर पर रियायत
- किसी जिले में पंजीकृत निजी वाहन (नेशनल परमिट वाहन को छोड़कर)
- यदि राष्ट्रीय राजमार्ग, पुल, बाईपास या टनल उसी जिले में स्थित हो
- जिले के भीतर सभी टोल प्लाजा पर निर्धारित शुल्क का केवल 50% देना होगा
- जहां सर्विस रोड या वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो, वहां यह रियायत लागू नहीं होती
किन हालात में टोल बिल्कुल नहीं लगता
अगर कोई वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग के केवल एक हिस्से का उपयोग करता है और किसी भी टोल प्लाजा को पार नहीं करता, तो न तो टोल पास की जरूरत होती है और न ही कोई शुल्क लिया जाता है। यानी टोल तभी लगता है, जब वाहन वास्तव में टोल प्लाजा से होकर गुजरता है।
टोल नियम जानना क्यों जरूरी
डिजिटल भुगतान, FASTag और भविष्य में संभावित बदलावों को देखते हुए टोल नियमों की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है। इससे न केवल अनावश्यक भुगतान से बचा जा सकता है, बल्कि वैध छूट और रियायतों का लाभ भी उठाया जा सकता है।

















