
यदि आप 2026 में ट्रेन से सफर करने की योजना बना रहे हैं और अपने साथ घी ले जा रहे हैं, तो सावधान हो जाएं, भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और कोच की सफाई सुनिश्चित करने के लिए घी ले जाने से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया है, नियमों की अनदेखी करने पर न केवल आपका सामान जब्त हो सकता है, बल्कि आपको कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।
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घी ले जाने के लिए 2026 के प्रमुख नियम
- रेलवे के नियमों के मुताबिक, एक यात्री अपने साथ अधिकतम 20 किलोग्राम तक घी ले जा सकता है, इससे अधिक मात्रा होने पर इसे ‘मर्चेंडाइज’ (व्यावसायिक सामान) माना जाएगा और आपको इसे पार्सल के रूप में बुक करना होगा。
- घी को केवल टिन के डिब्बों या मजबूत कनस्तरों में ही ले जाने की अनुमति है, जो पूरी तरह से सील (Air-tight) होने चाहिए, प्लास्टिक की थैलियों या खुले बर्तनों में घी ले जाना सख्त मना है।
- यदि यात्रा के दौरान घी डिब्बे से बाहर निकलता है और फर्श या अन्य यात्रियों के सामान को गंदा करता है, तो आप पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
उल्लंघन पर हो सकती है कड़ी कार्रवाई
रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 164 और 165 के तहत ट्रेन में असुरक्षित तरीके से ज्वलनशील या तैलीय पदार्थ ले जाना एक दंडनीय अपराध है। इन धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर:
- 3 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
- ₹1,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- या जेल और जुर्माना दोनों की सजा एक साथ मिल सकती है।
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क्यों बना यह नियम?
घी एक तैलीय पदार्थ है जो फिसलन पैदा कर सकता है और कोच में आग लगने की स्थिति में ईंधन का काम कर सकता है, यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, रेलवे प्रशासन 2026 में इन नियमों को सख्ती से लागू कर रहा है।
अपनी यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए हमेशा भारतीय रेलवे के नियमों का पालन करें।

















