
बिना किसी ओटीपी (OTP) या पिन (PIN) के बैंक अकाउंट खाली होने की खबरें डराने वाली हैं, लेकिन यह सच है, जालसाज अब ‘Aadhaar Enabled Payment System’ (AePS) की खामियों का फायदा उठाकर केवल आधार नंबर और क्लोन किए गए फिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक्स) से लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ा रहे हैं।
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आधार बायोमेट्रिक्स को लॉक करें (सबसे जरुरी)
यह स्कैम से बचने का सबसे अचूक तरीका है। जब आप अपने बायोमेट्रिक्स को लॉक कर देते हैं, तो कोई भी (यहाँ तक कि आप खुद भी) फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन के जरिए पैसे नहीं निकाल पाएगा।
- कैसे करें: m-Aadhaar App या UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘Lock/Unlock Biometrics’ विकल्प चुनें। इसे जरूरत पड़ने पर कुछ मिनटों के लिए कभी भी अनलॉक किया जा सकता है।
‘Masked Aadhaar’ का प्रयोग करें
हर जगह अपना असली आधार कार्ड देने के बजाय ‘मास्क्ड आधार’ का इस्तेमाल करें, इसमें आधार के केवल आखिरी 4 अंक दिखाई देते हैं, जिससे आपकी गोपनीय जानकारी सुरक्षित रहती है।
बैंक से AePS सुविधा बंद कराएं
यदि आप आधार के जरिए पैसे निकालने की सुविधा (AePS) का उपयोग नहीं करते हैं, तो सुरक्षा के लिहाज से अपने बैंक से संपर्क करके इस सर्विस को डिसेबल (Disable) करवा दें।
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बायोमेट्रिक क्लोनिंग से सावधान रहें
जालसाज सरकारी दफ्तरों या जमीन की रजिस्ट्री वाली जगहों से आपके फिंगरप्रिंट का डेटा चुराकर सिलिकॉन का इस्तेमाल कर उसका ‘क्लोन’ बना लेते हैं। ऐसी जगहों पर अपनी जानकारी साझा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें।
ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री चेक करते रहें
समय-समय पर यह देखते रहें कि आपके आधार का उपयोग कहाँ किया गया है।
- UIDAI Authentication History लिंक पर जाकर पिछले 6 महीनों का रिकॉर्ड चेक करें।
धोखाधड़ी होने पर तुरंत यहाँ रिपोर्ट करें
यदि आपके खाते से अनाधिकृत लेन-देन होता है, तो बिना देरी किए:
- हेल्पलाइन नंबर: तुरंत 1930 पर कॉल करें।
- ऑनलाइन शिकायत: National Cyber Crime Reporting Portal पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
- बैंक को सूचना: अपने बैंक को तुरंत सूचित करें ताकि वे खाते को फ्रीज कर सकें।
नया नियम (2026): भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 1 जनवरी 2026 से AePS सुरक्षा को और कड़ा करने के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं, जिसमें बैंकों के लिए सख्त KYC और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग अनिवार्य कर दी गई है।

















