Cyber Safety: कोई बार-बार मैसेज करके कर रहा है परेशान? घर बैठे पुलिस से करें शिकायत, जानें दोषी को कितने साल की होगी जेल

डिजिटल युग में जहां सोशल मीडिया ने दूरियां कम की हैं, वहीं साइबर स्टॉकिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में भी तेजी आई है, यदि कोई व्यक्ति आपको बार-बार मैसेज, कॉल या सोशल मीडिया के जरिए परेशान कर रहा है, तो अब आपको चुप रहकर सहन करने की जरूरत नहीं है

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Cyber Safety: कोई बार-बार मैसेज करके कर रहा है परेशान? घर बैठे पुलिस से करें शिकायत, जानें दोषी को कितने साल की होगी जेल
Cyber Safety: कोई बार-बार मैसेज करके कर रहा है परेशान? घर बैठे पुलिस से करें शिकायत, जानें दोषी को कितने साल की होगी जेल

डिजिटल युग में जहां सोशल मीडिया ने दूरियां कम की हैं, वहीं साइबर स्टॉकिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में भी तेजी आई है, यदि कोई व्यक्ति आपको बार-बार मैसेज, कॉल या सोशल मीडिया के जरिए परेशान कर रहा है, तो अब आपको चुप रहकर सहन करने की जरूरत नहीं है, भारत सरकार और पुलिस प्रशासन ने ऐसे अपराधियों पर नकेल कसने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। अब आप घर बैठे ही इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। 

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साइबर स्टॉकिंग: चुप न रहें, ऐसे करें ऑनलाइन शिकायत

अगर कोई आपकी मर्जी के बिना आपको बार-बार मैसेज भेज रहा है, तो यह ‘साइबर स्टॉकिंग’ का अपराध है। इसके खिलाफ शिकायत करने के लिए आपको थाने जाने की मजबूरी नहीं है:

  • पीड़ित अपनी शिकायत cybercrime.gov.in पर जाकर दर्ज करा सकते हैं। यहाँ आप गुमनाम रहकर भी शिकायत करने का विकल्प चुन सकते हैं।
  • साइबर अपराध की त्वरित रिपोर्टिंग के लिए सरकार ने 1930 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जिस पर कॉल करके मदद ली जा सकती है।
  •  दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों की पुलिस अपनी आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर ऑनलाइन FIR दर्ज करने की सुविधा दे रही है। 

नए कानून के तहत होगी सख्त जेल, जानें सजा के नियम

भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट के तहत साइबर अपराधियों के लिए सजा के कड़े प्रावधान किए गए हैं: 

  •  यदि कोई व्यक्ति पहली बार साइबर स्टॉकिंग का दोषी पाया जाता है, तो उसे 3 साल तक की जेल और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
  •  यदि अपराधी अपनी हरकत से बाज नहीं आता और दोबारा दोषी पाया जाता है, तो सजा की अवधि 5 साल तक की जेल तक बढ़ सकती है।
  •  यदि उत्पीड़न में निजी तस्वीरें या अश्लील सामग्री शामिल है, तो आईटी एक्ट की धारा 66E और 67 के तहत अतिरिक्त कड़ी कार्रवाई की जाती है। 

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सावधानी ही बचाव है: इन बातों का रखें खास ख्याल

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल सुरक्षा के लिए कुछ कदम उठाना अनिवार्य है: 

  • सबूत जुटाएं: परेशान करने वाले चैट, ईमेल या कॉल रिकॉर्डिंग के स्क्रीनशॉट (Screenshots) तुरंत ले लें। ये पुलिस जांच में सबसे अहम सबूत होते हैं।
  • ब्लॉक और रिपोर्ट: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (WhatsApp, Instagram) के इन-बिल्ट ‘Report’ फीचर का उपयोग करें और संबंधित प्रोफाइल को तुरंत ब्लॉक करें।
  • प्राइवेसी सेटिंग्स: अपनी प्रोफाइल को हमेशा ‘Private’ मोड पर रखें और अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। 
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