भारत रत्न पुरस्कार: क्या जीवित व्यक्ति को मिल सकता है? जानिए नियम और शर्तें

भारत रत्न, देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या यह सम्मान केवल मरणोपरांत दिया जाता है या जीवित रहते हुए भी इसे प्राप्त किया जा सकता है

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भारत रत्न पुरस्कार: क्या जीवित व्यक्ति को मिल सकता है? जानिए नियम और शर्तें
भारत रत्न पुरस्कार: क्या जीवित व्यक्ति को मिल सकता है? जानिए नियम और शर्तें

भारत रत्न, देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या यह सम्मान केवल मरणोपरांत दिया जाता है या जीवित रहते हुए भी इसे प्राप्त किया जा सकता है। 

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क्या जीवित व्यक्ति को मिल सकता है भारत रत्न?

जी हाँ, भारत रत्न जीवित व्यक्तियों को दिया जा सकता है, 1954 में जब इस पुरस्कार की स्थापना हुई थी, तब मरणोपरांत पुरस्कार देने का कोई प्रावधान नहीं था, 1955 में नियमों में संशोधन करके मृत्यु के बाद भी यह सम्मान देने की व्यवस्था की गई, इतिहास गवाह है कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (1954) से लेकर सचिन तेंदुलकर (2014) जैसे कई महानुभावों को यह सम्मान उनके जीवित रहते हुए प्रदान किया गया है। 

चयन के मुख्य नियम और शर्तें

  • यह सम्मान “मानव प्रयास के किसी भी क्षेत्र” (Any field of human endeavour) में असाधारण सेवा या उच्चतम स्तर के प्रदर्शन के लिए दिया जाता है। 2011 से पहले यह केवल कला, साहित्य, विज्ञान और सार्वजनिक सेवा तक सीमित था।
  •  इसके लिए कोई औपचारिक सिफारिश की प्रक्रिया नहीं होती, भारत के प्रधानमंत्री सीधे राष्ट्रपति को नामों का सुझाव देते हैं।
  •  एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम तीन व्यक्तियों को ही भारत रत्न दिया जा सकता है, हालांकि, 2024 में अपवाद स्वरूप इसे 5 हस्तियों को दिया गया था।
  • जाति, व्यवसाय, पद, लिंग या राष्ट्रीयता के आधार पर इसमें कोई भेदभाव नहीं किया जाता, यह गैर-भारतीयों को भी दिया जा सकता है (जैसे नेल्सन मंडेला)। 

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सम्मान के साथ मिलने वाली सुविधाएं

  • इस पुरस्कार के तहत कोई भी धन राशि नहीं दी जाती। सम्मान के तौर पर राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित एक ‘सनद’ (प्रमाणपत्र) और पीपल के पत्ते के आकार का पदक मिलता है।
  •  भारत रत्न प्राप्तकर्ता को भारत के वरीयता क्रम में सातवाँ (7th) स्थान प्राप्त है।
  •  इन्हें जीवनभर भारतीय रेलवे की प्रथम श्रेणी और एयर इंडिया में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है।
  • राज्यों में भ्रमण के दौरान उन्हें ‘राजकीय अतिथि’ का दर्जा और सुरक्षा दी जाती है।
  •  प्राप्तकर्ता और उनके जीवनसाथी को ‘डिप्लोमैटिक पासपोर्ट’ की सुविधा मिलती है, जो आमतौर पर केवल बड़े राजनयिकों को मिलता है। 

उपाधि का उपयोग (संवैधानिक नियम)

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 18(1) के अनुसार, प्राप्तकर्ता ‘भारत रत्न’ को अपने नाम के आगे या पीछे उपसर्ग (Prefix) या प्रत्यय (Suffix) के रूप में इस्तेमाल नहीं कर सकते, हालांकि, वे अपनी पहचान के रुप में ‘राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित भारत रत्न’ या ‘भारत रत्न प्राप्तकर्ता’ लिख सकते हैं। 

Bharat Ratna Rules for Living PersonsGeneral Knowledge
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indsocplantationcrops

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