
ट्रैफिक नियम तोड़ना तो हम सब कभी न कभी कर ही जाते हैं, लेकिन चालान कटने के बाद जुर्माना भरना भारी पड़ता है। कई बार पुराने ई-चालान बकाया रह जाते हैं, जो परेशानी बढ़ाते हैं। अच्छी खबर ये है कि दिल्ली में 10 जनवरी 2026 को नेशनल लोक अदालत लग रही है। यहां पुराने ट्रैफिक चालानों का निपटारा कम पैसे में या कभी-कभी माफ भी हो जाएगा। लेकिन सावधान, PUC वाले चालान पर कोई छूट नहीं! आइए जानते हैं पूरी डिटेल, ताकि आप समय पर फायदा उठा सकें।
Table of Contents
नेशनल लोक अदालत
दिल्ली के हर जिला न्यायालय में 10 जनवरी 2026 को ये लोक अदालत लगेगी। खास तौर पर ट्रैफिक ई-चालानों पर फोकस रहेगा। सोचिए, जो चालान सालों से लटके हैं, वो एक ही दिन में सेटल! ये अदालतें तेजी से काम करती हैं, बिना ज्यादा कागजी घमासान के। लाखों लोग इसका फायदा उठाते हैं, क्योंकि यहां जज साहबान समझदारी से फैसला देते हैं। लेकिन सीटें सीमित हैं, तो जल्दी जुटिए।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें? 5 जनवरी से शुरू
लोक अदालत में जगह पक्की करने के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है। 5 जनवरी सुबह 10 बजे से traffic.delhipolice.gov.in पर आवेदन शुरू हो चुका है। बस वेबसाइट पर जाएं, अपना चालान नंबर डालें और फॉर्म भरें। एक दिन में सिर्फ 45,000 चालान ही लिए जाएंगे, कुल 1,80,000 तक। देर न करें, वरना मौका हाथ से निकल जाएगा। रजिस्ट्रेशन फ्री है, और कन्फर्मेशन ईमेल या एसएमएस से मिलेगा।
लोक अदालत के फायदे
ये अदालतें सबसे अच्छी इसलिए हैं क्योंकि कम समय और कम खर्च में काम हो जाता है। कई छोटे-मोटे चालानों पर जुर्माना माफ हो जाता है, या आधा-तीन चौथाई कम कर दिया जाता है। पुराने चालान कोर्ट में लटके रहते हैं, कोर्ट फीस अलग लगती है। यहां सब कुछ आसान – समझौते से सेटल। लाखों दिल्लीवासी हर बार इसका इंतजार करते हैं। अगर आपका चालान बकाया है, तो ये मौका न गंवाएं।
कौन से चालान पर मिलेगी राहत?
साधारण उल्लंघनों पर अच्छी छूट मिलती है। जैसे बिना हेलमेट चलना, सीट बेल्ट न लगाना, गलत पार्किंग, सिग्नल तोड़ना या इंश्योरेंस खत्म होना। इनमें 500-2000 रुपये के चालान अक्सर 100-500 रुपये में सेटल हो जाते हैं, कभी माफ भी। स्पीडिंग के छोटे केस भी कवर होते हैं। लोक अदालत में जज आपकी बात सुनेंगे और रियलिटी चेक करेंगे। लेकिन याद रखें, ये फैसला अंतिम होता है – अपील नहीं।
गंभीर मामलों पर सख्ती, कोई माफी नहीं
सभी चालानों पर दया नहीं बरती जाती। शराब पीकर गाड़ी चलाना, रैश ड्राइविंग, हिट एंड रन जैसे सीरियस केसों पर पूरी सजा। इनमें लोक अदालत भी राहत नहीं देगी। कोर्ट ये अपराध मानता है, जो जानलेवा हो सकते हैं। जुर्माना पूरा भरना पड़ेगा, और लाइसेंस सस्पेंड का खतरा भी। सेफ्टी पहले, नियम तोड़ने का अंजाम भुगतना पड़ता है।
PUC चालान पर कोई छूट नहीं
PUC यानी पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट न होने पर सबसे सख्ती। 10,000 रुपये का चालान कटता है, और लोक अदालत में कोई रियायत नहीं। पर्यावरण बचाने के लिए ये नियम सख्त हैं। गाड़ी चेक करवाएं, PUC लें और चालान भरें। वरना ब्लैकलिस्ट हो सकती है। दिल्ली सरकार प्रदूषण पर जीरो टॉलरेंस अपना रही है।
जरूरी डॉक्यूमेंट्स और प्रक्रिया
सुनवाई के लिए टोकन लें। साथ रखें – चालान कॉपी, RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट), ड्राइविंग लाइसेंस, आधार या वोटर आईडी। लोक अदालत में नंबर आए तो काउंटर पर पेश हों। जज से बात करें, जुर्माना जमा करें और रसीद लें। पूरा हो गया! ऑनलाइन पेमेंट का ऑप्शन भी रहता है। सुबह जल्दी पहुंचें, भीड़ से बचें।
दोस्तों, ट्रैफिक नियमों का पालन ही सबसे अच्छा है, लेकिन अगर पुराना चालान बाकी है तो 10 जनवरी का मौका न छोड़ें। रजिस्ट्रेशन कराएं, राहत लें और साफ-सुथरा रिकॉर्ड रखें। सड़कें सुरक्षित हों, सबका फायदा। दिल्ली पुलिस और कोर्ट को धन्यवाद, ऐसे प्रयास सराहनीय हैं!

















