नए साल की शुरुआत के साथ ही बिहार में स्कूल एडमिशन की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। कई स्कूलों ने जनवरी के पहले हफ्ते में ही एडमिशन फॉर्म जारी कर दिए हैं। अभिभावक अब अपने बच्चों के दाखिले के लिए जरूरी कागजात तैयार करने में जुटे हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा जरूरत बर्थ सर्टिफिकेट की पड़ रही है, जो स्कूलों में दाखिले के लिए अनिवार्य दस्तावेज माना जाता है।

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पटना नगर निगम ने की प्रक्रिया सरल
बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र को लेकर पटना नगर निगम ने बड़ी राहत दी है। पहले जहां बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने में हफ्तों लग जाते थे, अब नई व्यवस्था के तहत यह प्रक्रिया बहुत सरल और तेज़ हो गई है। यह कदम मुख्य रूप से नए शैक्षणिक सत्र को ध्यान में रखकर उठाया गया है, ताकि छात्रों को स्कूल या कॉलेज में दाखिला लेने में परेशानी न हो।
अब केवल दो दस्तावेजों से बनेगा प्रमाण पत्र
नगर निगम के नियमों के अनुसार, यदि बच्चा 10वीं क्लास से नीचे है, तो जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब सिर्फ माता-पिता का आधार कार्ड और एक एफिडेविट की आवश्यकता होगी। वहीं, 10वीं क्लास के बाद जिन छात्रों को यह प्रमाण पत्र चाहिए, उनके लिए शैक्षणिक प्रमाण पत्र आधार के रूप में स्वीकार किए जाएंगे।
रिकॉर्ड स्तर पर जारी हो रहे सर्टिफिकेट
पटना नगर निगम के चार प्रमुख अंचलों में पिछले वर्ष यानी 2025 में जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की गति सबसे तेज़ रही। आंकड़ों के अनुसार, पूरे वर्ष में लगभग 1.07 लाख बर्थ सर्टिफिकेट बनाए गए। इनमें से सबसे ज्यादा 77,034 प्रमाण पत्र नूतन राजधानी अंचल में बने, जबकि पाटलिपुत्र अंचल में 12,308, कंकड़बाग अंचल में 6,080 और बांकीपुर अंचल में 12,476 सर्टिफिकेट जारी किए गए।
ऑनलाइन माध्यम से और आसान हुई प्रक्रिया
अब नागरिकों को जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अंचल कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। इच्छुक लोग नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इससे दस्तावेज़ की जांच और प्रमाणन में समय की काफी बचत हो रही है।

















