मोबाइल इंश्योरेंस का सच क्या है? कंपनियां क्या छुपाती हैं, नया फोन खरीदने से पहले जानना जरूरी

नया स्मार्टफोन खरीदते ही दुकानदार मोबाइल इंश्योरेंस लेने की सलाह देता है, लेकिन क्या यह वाकई जरूरी है? सस्ते इंश्योरेंस अक्सर काम नहीं आते और हर साल नवीनीकरण की झंझट भी होती है। इसके बजाय एक अच्छा ब्रांडेड फोन कवर ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है, एक बार का खर्च, लंबी सुरक्षा और बिना किसी क्लेम झंझट के।

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नया स्मार्टफोन खरीदने का उत्साह कुछ और ही होता है नए कैमरा फीचर्स आज़माने, खूबसूरत डिजाइन दिखाने और बेहतर परफॉर्मेंस पाने का। लेकिन जैसे ही आप फोन खरीदते हैं, दुकानदार का अगला सवाल आता है “सर, मोबाइल इंश्योरेंस भी करवा लें क्या?” इस वक्त ज्यादातर लोग सोचते हैं कि यह शायद जरूरी होगा, आखिर फोन सस्ता तो है नहीं। पर क्या यह सच में जरूरी है या सिर्फ एक मार्केटिंग ट्रिक?

क्या मोबाइल इंश्योरेंस भरोसेमंद होता है?

ज़्यादातर मोबाइल इंश्योरेंस प्लान दिखने में बहुत सस्ते लगते हैं 999 या 1999 रुपये सालाना। पर असलियत तब सामने आती है जब आप क्लेम करने जाते हैं और पता चलता है कि मामूली स्क्रैच या पानी गिर जाने पर यह इंश्योरेंस लागू ही नहीं होता। कई बार तो इंश्योरेंस कंपनियां “टर्म्स एंड कंडीशन्स” का ऐसा जाल बुन देती हैं कि ग्राहक को रिफंड या रिपेयर के बजाय सिर्फ निराशा मिलती है।

असल में, ये सस्ते प्लान्स आपके फोन की “मानसिक सुरक्षा” तो देते हैं, लेकिन “वास्तविक सुरक्षा” नहीं। ऐसे में इनसे पैसे की बर्बादी ही होती है। दूसरी ओर, अगर आप ब्रांडेड इंश्योरेंस जैसे AppleCare या Samsung Care+ लेते हैं, तो क्लेम के चांसेस बढ़ जाते हैं। ये इंश्योरेंस कंपनियां असली सर्विस प्रोपाइडर होती हैं, जो खुद फोन की निर्माता कंपनी से जुड़ी होती हैं। हां, इनकी कीमत ज़रूर ज्यादा होती है ₹7,000 से ₹20,000 तक। लेकिन काम के वक्त ये आपको निराश नहीं करते।

हर इंश्योरेंस की एक सीमा होती है

मोबाइल इंश्योरेंस की एक और बड़ी कमी है उसकी टाइम वैलिडिटी। ज़्यादातर प्लान सिर्फ एक या दो साल तक मान्य होते हैं। उसके बाद चाहे आपका फोन ठीक चलता हो या नहीं, आपको फिर से वही खर्च उठाना पड़ता है। यानी लंबे समय तक इस्तेमाल करने वालों के लिए यह डील ज्यादा फायदेमंद नहीं लगती। इसके अलावा, क्लेम करते समय सर्विस चार्ज, टैक्स और डिडक्टिबल जैसे खर्चे भी जोड़ दिए जाते हैं यानी की क्लेम के बाद भी जेब फिर से हल्की हो जाती है।

सस्ता और भरोसेमंद विकल्प

अगर आप बिना झंझट के अपने फोन की सुरक्षा चाहते हैं, तो मोबाइल इंश्योरेंस का सबसे अच्छा विकल्प एक ब्रांडेड फोन कवर हो सकता है। आज की मार्केट में कई ऐसे कंपनियां हैं जो दमदार प्रोटेक्शन कवर बनाती हैं, जैसे Spigen, Ringke, Totem या UAG। ये कवर दिखने में स्टाइलिश भी होते हैं और गिरने, झटके या खरोंच लगने से फोन को बचाने में माहिर भी।

एक अच्छा कवर ₹1100 से ₹3000 तक में मिल जाता है। भले यह एक बार में थोड़ा खर्च लगे, लेकिन सोचिए इंश्योरेंस की तरह हर साल दोबारा खर्च नहीं करना पड़ेगा। और जब तक आप फोन इस्तेमाल करेंगे, यह कवर उसकी सुरक्षा करता रहेगा।

इंश्योरेंस या कवर सही चुनाव क्या है?

फोन इंश्योरेंस और मोबाइल कवर के बीच फैसला करने का सबसे अच्छा तरीका है आपकी यूसेज हैबिट्स को समझना। अगर आप ऐसे व्यक्ति हैं जो हर साल फोन बदलते हैं या जिनके पास बहुत महंगा डिवाइस है, तो ब्रांडेड इंश्योरेंस लेना समझदारी है। लेकिन अगर आप फोन को सामान्य तरीके से इस्तेमाल करते हैं, गिरने या पानी से बचाते हैं, तो एक अच्छा कवर ही काफी है।

दरअसल, आजकल फोनों के डिजाइन भी बहुत ज्यादा नहीं बदलते। जैसे iPhone 13 और iPhone 14 के केस एक-दूसरे पर फिट हो जाते हैं। यानी, आपको हर नए फोन के साथ नया कवर भी नहीं खरीदना पड़ेगा। इस तरह आप एक बार का निवेश करके लंबे समय तक अपनी जेब और फोन दोनों को सुरक्षित रख सकते हैं।

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