दुनिया हैरान! भारत का वो शहर जहाँ लोग सीधे नल से पीते हैं ‘मिनरल वाटर’, नहीं पड़ती फिल्टर की जरूरत

जहाँ बाकी शहरों में पानी उबालकर या RO से फिल्टर किया जाता है, वहीं यहाँ की सड़कों पर खुला नल ही झरने जैसा शुद्ध पानी देता है, जानिए ये चमत्कारी जगह कौन सी है और इसका रहस्य क्या है!

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भारत में नल का पानी पीने का नाम सुनकर ज्यादातर लोग आज भी सोच में पड़ जाते हैं। कई शहरों में नल से आने वाला पानी न तो साफ होता है और न ही सीधे पीने योग्य। लोग बीमारियों के डर से उसे उबालकर या फिल्टर करके पीने को मजबूर हैं। लेकिन इसी देश में एक ऐसा शहर है जिसने यह धारणा पूरी तरह बदल दी है। ओडिशा का पुरी शहर अब देश का पहला शहर बन चुका है जहां घर-घर नल से शुद्ध पीने योग्य मिनरल क्वालिटी वाला पानी सप्लाई किया जाता है।

दुनिया हैरान! भारत का वो शहर जहाँ लोग सीधे नल से पीते हैं 'मिनरल वाटर', नहीं पड़ती फिल्टर की जरूरत

हर घर तक पहुंच रहा है शुद्ध पानी

पुरी में लागू की गई ‘ड्रिंक फ्रॉम टैप’ योजना ने शहर के जल आपूर्ति तंत्र को पूरी तरह आधुनिक बना दिया है। इसके तहत हर घर को 24 घंटे ऐसा पानी मिल रहा है जिसे बिना फिल्टर या उबाले सीधे पिया जा सकता है। लगभग 25 हजार से ज्यादा घर अब इस प्रणाली के तहत जुड़ चुके हैं। लोगों को अब बोतलबंद पानी या आरओ पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं रही।

जल शुद्धिकरण तकनीक ने बदली तस्वीर

पुरी में इस काम के लिए अत्याधुनिक जल शुद्धिकरण प्रणाली तैयार की गई है। ट्रीटमेंट प्लांट में आने वाले पानी को कई चरणों से गुजारा जाता है। सबसे पहले गाद और गंदगी को हटाने के लिए सेडिमेंटेशन की प्रक्रिया होती है। इसके बाद फिल्ट्रेशन, अल्ट्रा-फिल्ट्रेशन, क्लोरीनीकरण और ओजोनीकरण किया जाता है। इन प्रक्रियाओं से बैक्टीरिया, वायरस और भारी धातुएं पूरी तरह समाप्त हो जाती हैं। पानी में नियंत्रित मात्रा में क्लोरीन डाली जाती है ताकि वह लंबे समय तक सुरक्षित रहे और स्वाद भी ठीक बना रहे।

पाइपलाइन भी हुई मॉडर्न और सुरक्षित

पुरी प्रशासन ने सिर्फ पानी को ही नहीं, बल्कि सप्लाई करने वाली पाइपलाइन को भी नए स्तर पर पहुंचाया है। पुरानी और जंग लगी पाइपों को हटाकर फूड-ग्रेड हाई-प्रेशर पाइप लगाए गए हैं। इन पाइपों में हमेशा इतना दबाव रहता है कि बाहर की गंदगी अंदर नहीं जा सकती। साथ ही, पूरे नेटवर्क में सेंसर लगाए गए हैं जो रियल-टाइम में पानी की गुणवत्ता पर नजर रखते हैं। यदि कहीं भी किसी गड़बड़ी का संकेत मिलता है, तो तुरंत उस इलाके की सप्लाई रोक दी जाती है। हर दिन पानी के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच भी की जाती है ताकि गुणवत्ता बनी रहे।

लोगों की जिंदगी में आया बड़ा बदलाव

पुरी शहर में स्वच्छ पानी की सप्लाई शुरू होने के बाद वहां की जनता को बड़ा फायदा हुआ है। अब जलजनित बीमारियों में कमी आई है और लोगों का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है। इसके अलावा आरओ मशीनों से निकलने वाले वेस्ट वाटर की समस्या भी खत्म हो गई है। शहर में बोतलबंद पानी की बिक्री में गिरावट आई है जिससे प्रदूषण और प्लास्टिक कचरा भी घटा है।

पुरी का मॉडल बन सकता है देशभर के लिए उदाहरण

पुरी की सफलता को देखते हुए अब भुवनेश्वर और कटक जैसे शहर भी इस मॉडल को अपना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हर राज्य सरकार इसी मॉडल पर काम करे तो भारत में हर घर को नल से सीधे पीने योग्य शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। पुरी ने यह साबित कर दिया है कि स्वच्छ जल सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि हर नागरिक का मूल अधिकार है। इस शहर ने देश को दिखा दिया है कि इच्छाशक्ति और सही तकनीक से भारत को “ड्रिंक फ्रॉम टैप नेशन” बनाना अब सपना नहीं, एक सच्चाई है।

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indsocplantationcrops

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