
छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने और पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने ‘जोड़ा बैल वितरण योजना’ के तहत भारी सब्सिडी का ऐलान किया है, इस योजना के अंतर्गत किसानों को दो बैल खरीदने के लिए अधिकतम ₹36,000 तक का अनुदान दिया जा रहा है।
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90% सब्सिडी का गणित
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका सब्सिडी स्ट्रक्चर है, सरकार बैलों की खरीद पर कुल लागत का 90% हिस्सा अनुदान के रूप में वहन करेगी, इसका अर्थ है कि यदि दो बैलों की कीमत ₹40,000 है, तो किसान को अपनी जेब से केवल 10% यानी ₹4,000 ही देने होंगे, जबकि बाकी ₹36,000 सरकार द्वारा दिए जाएंगे।
इन किसानों को मिलेगा प्राथमिकता से लाभ
योजना का मुख्य लक्ष्य उन किसानों की मदद करना है जो महंगे ट्रैक्टर या आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने में सक्षम नहीं हैं।
- लघु एवं सीमांत किसान: जिनके पास कम कृषि भूमि है, उन्हें इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी।
- जातिगत प्राथमिकता: कई राज्यों में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के किसानों के लिए विशेष कोटे का प्रावधान है।
- पारंपरिक खेती को बढ़ावा: राजस्थान जैसे राज्यों में 2026 तक बैलों से खेती करने वाले किसानों के लिए ₹30,000 वार्षिक तक की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि की भी घोषणा की गई है।
आवेदन के लिए जरुरी दस्तावेज
इच्छुक पात्र किसानों के पास निम्नलिखित दस्तावेज होने अनिवार्य हैं:
- आधार कार्ड और जन-आधार कार्ड।
- भूमि के दस्तावेज: जमाबंदी या खेत की नकल।
- बैंक खाता विवरण: सब्सिडी की राशि सीधे DBT के माध्यम से खाते में आएगी।
- पशु स्वास्थ्य प्रमाण पत्र: पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र।
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कैसे करें आवेदन?
किसान भाई इस योजना का लाभ लेने के लिए अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या पशुपालन विभाग में संपर्क कर सकते हैं, इसके अलावा, राजस्थान के किसान राज किसान साथी पोर्टल जैसे राज्य स्तरीय आधिकारिक पोर्टलों पर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।

















