
अगर आप खेतीबाड़ी करते हैं और पीएम किसान सम्मान निधि का इंतजार करते हैं, तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। सरकार अब एग्री स्टैक प्रोजेक्ट के तहत हर किसान की डिजिटल आईडी बना रही है, जिसे फार्मर आईडी कहते हैं। बिना इसके नई रजिस्ट्रेशन या कई योजनाओं की किस्त अटक सकती है।
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फार्मर आईडी आखिर है क्या चीज?
सोचिए, जैसे आधार कार्ड आपकी पहचान है, वैसे ही फार्मर आईडी किसान की खेती की पूरी डिटेल रखती है। इसमें आपकी जमीन का रिकॉर्ड, खसरा-खतौनी, कौन सी फसल उगाते हो, बीज-खाद का इस्तेमाल, पशुपालन और कमाई की जानकारी सब जुड़ जाती है। ये आईडी सरकार को बताती है कि असली किसान कौन है, ताकि फर्जी क्लेम बंद हो जाएं। अभी 14 राज्यों में नई पीएम किसान रजिस्ट्रेशन के लिए ये जरूरी हो गई है, जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश आदि।
पीएम किसान योजना पर क्या असर पड़ेगा?
पीएम किसान से हर साल 6 हजार रुपये मिलते हैं तीन किश्तों में 2-2 हजार। लेकिन अब फार्मर आईडी लिंक न होने पर नई एंट्री या अपडेट में दिक्कत हो सकती है। पुराने लाभार्थियों को फिलहाल चिंता कम, लेकिन भविष्य में ये सभी योजनाओं फसल बीमा, सब्सिडी, KCC लोन का आधार बनेगी। सरकार का मकसद साफ है: पैसा सही किसान के खाते में सीधा पहुंचे, बिचौलिए न घूमें।
ऑनलाइन फार्मर आईडी कैसे बनाएं?
घबराओ मत भाई, घर बैठे मोबाइल से हो जाएगा। सबसे पहले अपने राज्य के एग्री स्टैक पोर्टल पर जाओ, जैसे UP के लिए upfr.agristack.gov.in।
- ‘नया किसान रजिस्ट्रेशन’ पर क्लिक करो।
- आधार नंबर डालो, नाम, जन्मतिथि, जिला भरें।
- OTP से मोबाइल वेरिफाई करो, पासवर्ड बनाओ।
- लॉगिन के बाद जमीन की डिटेल्स — खसरा नंबर, खतौनी — फेच करो।
- परिवार आईडि या राशन कार्ड जोड़ो, रेवेन्यू डिपार्टमेंट अप्रूवल चुनो।
- डिजिटल साइन से सबमिट। बस, आईडी जनरेट हो जाएगी!
अगर एक से ज्यादा खेत हैं, सबकी डिटेल दो। CSC सेंटर या पंचायत कैंप में भी मदद मिलेगी।
जरूरी कागजात क्या रखें तैयार?
बिना कागज के काम चलेगा नहीं। आधार कार्ड, जमीन के दस्तावेज (खसरा-खतौनी), बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर (आधार से लिंक) साथ रखो। फोटो भी अपलोड करनी पड़ सकती है। गलत डिटेल से रिजेक्ट हो सकता है, तो भूलेख पोर्टल से चेक कर लो। स्टेटस देखने के लिए ऐक्नॉलेजमेंट नंबर नोट करो।
क्यों जरूरी है अभी बनवाना, देर न करें!
किसान भाई, छोटी-मोटी खेती करने वाले सीमांत किसानों के लिए ये आईडी वरदान है। फर्जीवाड़ा रुकेगा, सब्सिडी तेजी से मिलेगी। 6 करोड़ फार्मर आईडी का लक्ष्य है मार्च 2025 तक। अगर न बनवाई, तो अगली किस्त का इंतजार लंबा हो सकता है। पोर्टल चेक करो, कैंप में जाओ समय रहते कर लो। सरकार आपका भला चाहती है!

















