
ट्रेन से सफर प्लान करते वक्त कभी न कभी सबको टिकट कैंसिल करने की नौबत आ ही जाती है। पहले ये काम सिरदर्द बन जाता था क्योंकि कैंसिलेशन चार्ज और रिफंड का हिसाब लगाना मुश्किल होता। लेकिन रेलवे ने नया नियम लाकर यात्रियों की परेशानी दूर कर दी है। अब आसानी से पता चल जाता है कि कितना पैसे कटेंगे और कब रिफंड मिलेगा।
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तारीख बदलो, कैंसिल मत करो!
सोचिए, आपकी ट्रेन 20 तारीख को है लेकिन काम आ गया तो 25 को शिफ्ट करना है। पहले कैंसिल करके नया टिकट बुक करना पड़ता, जिसमें चार्ज कटता और रिफंड इंतजार करवाता। अब IRCTC ऐप या वेबसाइट पर सीधे तारीख चेंज कर दें। न कैंसिलेशन फीस, न रिफंड की जद्दोजहद। बस नई तारीख पर कन्फर्म सीट मिलेगी तो ठीक, वरना WL पर चला जाएगा। ये सुविधा वाकई गेम चेंजर है।
कैंसिलेशन चार्ज
अगर मजबूरी में कैंसिल ही करना पड़े, तो ध्यान रखें समय कितना बचा है। यात्रा से 48 घंटे से ज्यादा पहले कैंसिल करें तो सिर्फ क्लर्केज चार्ज कटेगा, बाकी पूरा रिफंड। 12 से 48 घंटे पहले 25% फेयर कटेगा प्लस चार्ज। चार घंटे से कम बचा तो 50% तक जा सकता है। रिफंड आमतौर पर 3-7 दिन में अकाउंट में आ जाता। e-टिकट पर ये सब ऑटो हो जाता।
रिफंड कब और कैसे मिलेगा?
कैंसिल करने के बाद घबराओ मत, रेलवे सिस्टम तेज हो गया है। कन्फर्म टिकट पर पूरा रिफंड (चार्ज कटकर), वेटिंग पर भी टिकट फेयर वापस। UPI या कार्ड से पेमेंट किया तो 1-3 दिन में क्रेडिट। बैंक ट्रांसफर में थोड़ा ज्यादा वक्त लग सकता। ऐप पर स्टेटस चेक करते रहो, सब ट्रांसपेरेंट है। अगर देरी हो तो हेल्पलाइन 139 पर कॉल मार दो।
वेटिंग टिकट कैंसल
वेटिंग टिकट चांस लेने का है, लेकिन कैंसल न करने से लॉस। कन्फर्म न हो तो पूरा रिफंड बिना डिडक्शन। कन्फर्म हो गया और कैंसिल किया तो नॉर्मल चार्ज लागू। चार्ट तैयार होने के बाद कैंसल पर कोई रिफंड नहीं। सोच-समझकर बुक करो, RAC या WL पर अपडेट रहो। रेलवे ऐप नोटिफिकेशन ऑन रखो तो चूक न होगी।
स्मार्ट टिप्स
टिकट बुक करते वक्त कैंसिलेशन पॉलिसी पढ़ लो। ग्रुप बुकिंग में एक साथ कैंसल ऑप्शन यूज करो। TDR क्लेम अगर ट्रेन लेट हो। बच्चों और सीनियर के लिए रियायतें चेक करो। हमेशा e-टिकट चुनो, काउंटर से बचो। रेलवे लगातार सुधार कर रहा, तो ऐप अपडेट रखो। सफर प्लानिंग अब मजेदार हो गई!

















