
उत्तर प्रदेश में रेल नेटवर्क को विस्तार देने की दिशा में योगी सरकार और केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है, पूर्वांचल की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए सहजनवा-दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना को हरी झंडी मिल गई है, 81.17 किलोमीटर लंबी इस नई रेल लाइन के बिछने से गोरखपुर और मऊ के बीच की दूरी कम होगी और विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
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11 नए स्टेशनों से लैस होगा मार्ग
रेलवे की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत सहजनवा से दोहरीघाट के बीच कुल 11 नए स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है, इन स्टेशनों के निर्माण से ग्रामीण इलाकों के हजारों यात्रियों को सीधे रेल सेवा का लाभ मिलेगा, परियोजना के पहले चरण में सहजनवा से बांसगांव तक (32.95 किमी) का कार्य तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
403 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण
इस बड़ी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए करीब 403 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इसके दायरे में गोरखपुर और मऊ जिले के लगभग 112 गांव आ रहे हैं, किसानों को मुआवजा वितरण और भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया 2025 में तेजी से आगे बढ़ रही है, ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं (Highlights)
- कुल लंबाई: 81.17 किलोमीटर
- अनुमानित लागत: ₹1,320 करोड़ से अधिक
- प्रस्तावित स्टेशन: 11 (सहजनवा, बांसगांव और अन्य प्रमुख कस्बे)
- प्रभावित गांव: 112 गांव (जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी)
- लक्ष्य: प्रथम चरण को 2027 तक पूरा करने की योजना है।
इन शहरों को मिलेगा सीधा लाभ
इस नई रेल लाइन के बनने से गोरखपुर, सहजनवा, बांसगांव, गोला और दोहरीघाट (मऊ) के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। फिलहाल इन इलाकों के लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, लेकिन इस लाइन के शुरू होने के बाद व्यापार, कृषि और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आने की उम्मीद है।
रेलवे का मास्टर प्लान
सिर्फ सहजनवा-दोहरीघाट ही नहीं, उत्तर प्रदेश में 2025 के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर भी काम चल रहा है इसमें बहराइच-खलीलाबाद (240 किमी) और मेरठ-हस्तिनापुर-बिजनौर रेल लाइन शामिल है, इन परियोजनाओं के पूरा होने से यूपी का रेल घनत्व देश में सबसे बेहतर स्थिति में पहुंच जाएगा।

















