मेडिकल काउंसलिंग कमिटी ने नीट यूजी 2025 के स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड का प्रोविजनल रिजल्ट घोषित कर दिया है। जो छात्रों ने फ्रेश चॉइस फीलिंग की थी, वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम देख सकते हैं। यह राउंड उन सीटों को भरने के लिए शुरू किया गया था जो पिछले राउंड्स में खाली रह गईं। छात्रों को रिपोर्टिंग की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए, क्योंकि समय कम है।

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रिजल्ट पर आपत्ति का मौका
रिजल्ट प्रोविजनल है, इसलिए अगर कोई दिक्कत लगे तो तुरंत ईमेल के जरिए शिकायत दर्ज कराएं। 23 दिसंबर तक यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। जिनका नाम लिस्ट में आया है, उन्हें एडमिशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। देरी न करें, वरना अवसर हाथ से निकल सकता है।
रिपोर्टिंग शेड्यूल और नियम
सीट मिलने पर 24 से 31 दिसंबर तक अलॉटेड कॉलेज में रिपोर्टिंग जरूरी है। मूल दस्तावेज साथ ले जाएं। अगर कोई छात्र रिपोर्टिंग पूरी नहीं करता या सीट जॉइन नहीं करता, तो उसकी सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त हो जाएगी। साथ ही, आगे राज्य स्तर की स्पेशल स्ट्रे राउंड में भाग लेने से भी वंचित कर दिया जाएगा। यह कदम सुनिश्चित करता है कि सीटें व्यर्थ न जाएं।
एमबीबीएस कटऑफ रैंक
इस राउंड में एमबीबीएस की क्लोजिंग रैंक काफी ऊंची रहीं। कुल 44 सीटें उपलब्ध थीं, जिनमें ज्यादातर डीम्ड यूनिवर्सिटी, पेड कोटा और एनआरआई सीटें शामिल थीं। मुख्य रैंक इस प्रकार हैं:
| कैटेगरी | क्लोजिंग रैंक |
|---|---|
| ऑल इंडिया कोटा – जनरल | 27360 |
| ऑल इंडिया कोटा – ओबीसी | 27421 |
| ऑल इंडिया कोटा – ईडब्ल्यूएस | 30921 |
| ऑल इंडिया कोटा – एससी | 139123 |
| डीम्ड यूनिवर्सिटी पेड | 870603 |
| एनआरआई कोटा | 1143895 |
ये रैंक बताती हैं कि प्रतिस्पर्धा अभी भी तीव्र है, खासकर पेड सीटों पर।
बीडीएस और बीएससी नर्सिंग की स्थिति
बीडीएस के लिए भी मौके बचे थे। ऑल इंडिया कोटा में ओपन सीटों की क्लोजिंग 64023, ईडब्ल्यूएस 62574 और ओबीसी 66849 रही। एससी के लिए 235422 तक रैंक मिली।
बीएससी नर्सिंग में दिल्ली एनसीआर कोटा की ओपन रैंक 170921 और ओबीसी 176641 पर बंद हुई। ऑल इंडिया में ओपन 112882, ईडब्ल्यूएस 109747। एससी 259583 और एसटी 351480 तक सीटें मिलीं। यह राउंड नर्सिंग और डेंटल कोर्सेज के इच्छुकों के लिए अंतिम संभावना था।
मेडिकल शिक्षा में क्रांति
देश में मेडिकल शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पिछले 11 सालों में एमबीबीएस सीटें 51,000 से दोगुनी से ज्यादा होकर 1,28,000 पहुंच गईं। मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 819 हो चुकी है। एआईआईएमएस जैसे संस्थान 7 से 23 हो गए। पोस्टग्रेजुएट सीटें भी 31,000 से 82,000 पर पहुंचीं।
स्वास्थ्य मंत्री ने हाल ही में बताया कि प्राथमिक स्तर पर 1.82 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर काम कर रहे हैं। द्वितीयक स्तर पर सीएचसी और जिला अस्पताल मजबूत हो रहे हैं। तृतीयक सुविधाओं का नेटवर्क बढ़ रहा है। यह सब मिलकर स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊंचाई दे रहा है। छात्रों के लिए अब ज्यादा अवसर उपलब्ध हैं, लेकिन मेहनत जारी रखें।
यह राउंड साबित करता है कि सरकार खाली सीटें भरने को प्रतिबद्ध है। सफल उम्मीदवार बधाई के पात्र हैं, बाकी अगले सत्र की तैयारी करें।

















